( लय- तुम्हारा प्यार मिला है)
गौरीनन्दन थारो अभिनन्दन करे सारो परिवार-२
गजानन आन पधारो लडावा लाड म्है थारों -४ बल और बुद्धि को तो पूरो थारो भंडार है
तीनो लोका में पहलो थारो अधिकार है
थारी पूजा सबसे पहले करे सारो संसार
गजानन आन पधारो—-
विघ्न विनाशक सारी विपदा मिटाओ
रिद्धि सिद्धि साग लेकर म्हार घर आओ
काम कोई भी करने से पहले पड़े थारी दरकार
गजानन आन पधारो—-
चंदन चौकी पर म्हे थान बैठावा
तिलक लगावा सोणा हार पहनावा
लडुवा (मोदक) को थारै भोग लगावा कर लि ज्यों स्वीकार, गजानन आन पधारो—-