(लय- झिलमिल सितारों का)
आओ खुशी के हम गीत गाएं, मंगल घड़ी वर्षीतप की मनाएं, संयम ही जीवन है, इसको जीवन लक्ष्य बनाएं।।
1. वर्षीतप निर्मल गंगा है, इसमें तो सबको नहाना है, मिटेगें विकार मन के तपमय सुख को पाना है।
मन में प्रभु का ध्यान लगाएं।। मंगल घड़ी वर्षीतप की मनाएं।
2. तप का काम नहीं आसां है, करता है जो धीर है, आर्शीवर गुरुवर का हो और संग में महावीर है। समता की धारा को मन में बसाए।। मंगल घड़ी वर्षीतप की मनाएं।
3. अदभुत काम किया तुमने हम दिल से तुम्हें बधाते हैं, वर्षीतप महान है ये, इसको शीश झुकाते हैं।
भावों का हार हम तुमको पहनाएं।। मंगल घड़ी वर्षीतप की मनाएं।