-: अब सौंप दिया इस जीवन का :-
(लय : दिल लूटने वाले जादूगर………….)
अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में। है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में।
मेरा निश्चय बस एक यही, इक बार तुम्हे पा जाऊँ में आ ऽ ऽ -२ अर्पण कर दूँ दुनिया भर का, कल सब प्यार तुम्हारे हाथों में, है जीत…
जो जग में रहूँ तो ऐसा रहूँ, ज्यों जल में कमल का फूल रहे – आ ऽ ऽ -२ मेरे सब गुण दोष समर्पित है, भगवान तुम्हारे हाथों में,
है जीत..
यदि मानुष का मुझे जन्म मिले, तब चरणों का मैं पुजारी बनुं आ ऽ ऽ -२ इस पुजत की इक नस-नस का, हो तार तुम्हारे हाथों में,
है जीत..
जब जब संसार का कैदी बनूं, निष्काम भाव से कर्म करूं, आ ऽ ऽ -२ फिर अन्त समय में प्राण तजूं, निराकार तुम्हारे हाथों में,
है जीत..
मुझ में तुझ में बस भेद यही है, मैं नर हूँ तुम नारायण हो आऽ ऽ -२ मैं हूँ संसार के हाथों में, संसार तुम्हारे हाथों में,
है जीत..