Bangadi,Rakhi, Mehandi,& Peepali(, Namkaran Geet)

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बंगड़ी
म्हार रे पिछोकड़ बस रे सोनीको, बंगड़ी घड़ा‌द्यो पिया अब री घड़ी, घमस्यात की घड़ी, 
ले द्यो ले द्यो नी बाइसा रा विरा बाजणी सी बंगड़ी ।बाजणी सी बंगडी र उदीयापूर की चुनड़ी 
म्हार सासूजी र पांव पडन्ता बाज बंगडी घरणाव बंगडी लेदयो लेदयो नी हजारी ढोला बाजणी सी बंगडी ।
म्हारे रे पिछोकड बसरे मोडीको पिला रंगादयो पिया अब की घड़ी, घमस्यात की घड़ी 
ले दयो ले दयो नी सासूजी रा जाया बाजणी सी बगड़ी बाजणी सी बंगडी उदीया पुर की चुनड़ी म्हारी म्हार भाभीजी र पांव पडन्ता बाज बंगडी…… म्हार रे पिछोकड बस रे कन्दोई, लाडूडा संधादयो पिया अवकी घड़ी, घमस्यात की घड़ी 
ले दयो ले दयो नी बाईसा रा बिरा बाजणी सी बगड़ी । बाजणी सी बंगड़ी र उदीयापुर की चुनड़ी म्हार मारुजी री सेज बिंछावता बाज…। म्हार रे पिछकोड़ बस रे दांती को चूड़ला चीरादयो पिय अबकी घड़ी, घमस्यात की घड़ी लेद्यो लेद्यो नी हजारी ढोला बाजणी सी बंगडी । 
बाजणी सी बंगड़ी र उदीयापुर की चुनड़ी 
म्हार हालरीय न गोदी लेतां बाज बंगड़ी धरणाव बंगड़ी ले यो ले यो नी सासूजी रा जाया बाजणी सी बंगड़ी ।
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1
राखी
घड़ ल्यायी रे अजब सुनार राखी सोनारी, पो ल्याइ रे पटवां पाट गजरा मोत्यां का । ए कुण जी राखी रा गायकी जी राखी सोनारी कोई ए कुण खरचला दाम, राखी सोना की, घड़ ल्याइ रे पटवा पाट गजरा मोत्यां का । सुसराजी राखी रा गायकी जी राखी सोनारी, म्हारा जेठसा खरचला दाम, राखी सोना की पो ल्याइ रे पटवा पाट गजरा मोत्यां का । विच मं स्यू मारुजी ले आया जी राखी सोनारी म्हारी गोरी धण बांधण जोग, राखी सोना की पो ल्याइ रे पटवा पाट गजरा मोत्यां का ।
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मेंदी
माथा न मेंमद पेरो जी लगाय आई मेंदी काना में कुण्डल पेरो जी लगाय आई मेंदी । 
सासूजी पावज चांपा जी हाथा में आली मेदी, 
भाभीजी पांवज चापाजी हाथा में आली मेंदी 
गल न हारज पेरोजी लगाय आई मेंदी बैया न चुडलो पेरो जी लगाय आई मेंदी 
भूवाजी पांवज चांपाजी हाथा म आली मेंदी,
 काकी जी पांवज चांपा जी हाथा म आली मेदी
मारवणी महल पधारो जी थांरी घणी रचांवां मैदी, हठीला हठ छोड़ी जी हाथा र आली मेदी बादीला हठ छोडो जी हाथा र आली मंदी।
कडीया न दावण पेरो जी लगाय आई मेंदी, अंगा म पीलो ओढ़ो जी थांरी घणी रचावा मेंदी, हठीला हठ छोड़ो जी हाथां म आली मेंदी, धेनड़ीयो गोदी मांग जी हाथां म आली मेदी।
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पींपली
गवाड़ा तो विचली पीपली ललना, ललाजी ओ ज्यारां है अड़बड़ पान प्यारी लाग कुल बहु ललणा ।
एक पान जच्चा तोड़ीयो ललणा, ललाजी ओ टपटप चुवरे मजीट। 
प्यारी कोराजी दूकड्या मांडीया ललणा, ललाजी ओ भर्यो रे हवोला खाय।
 प्यारी धोलाजी चीर डबोइया ललणा, ललाजी ओ राच्या है चीरमी चोल। प्यारी रंगीजला छायल छांटणा ललणा, ललाजी ओ और पील रो पोत । प्यारी छायल देवो रे सवासणी ललणा, ललाजी ओ पीलो घेनड़ीय री मांय। प्यारी बोदी जी बाड़ सुखाइयो ललणा, ललाजी ओ चील झपेटा खाय। प्यारी… पेर ओढ़ जच्चा निसरी ललणा, ललाजी ओ भर हटवाड्यां र माय । प्यारी लोग महाजन सब यूं केव ललणा, ललाजी ओ कुणासा री कुल बहु जाय । प्यारी सुसराजी री जच्चा कुल बहु ललणा, ललाजी ओ बडोड़ साजनीया री धीव । प्यारी… राजीन्द घर चन्दरावली ललणा, ललाजी ओ कंवर हालरीय री माय । प्यारी…. राजा री राणी यूं केव ललणा, ललाजी ओ जच्चा स्यूं बणस्यां बेन । प्यारी… जच्चा री कुख सुलाखणी ललणा, ललाजी ओ नित उठ जनमला पुत । प्यारी … ओढ़ खीव ओढणी खीव ललणा, ललाजी ओ निकली मोतीड़ारी खान । प्यारी थार सीतारामजी मोडल ललणा, लला जी ओ निकली पोता री जोड़ । प्यारी
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