Var Degi Jholi Bhar Degi

माँ सच्चियाय आराधना

(तर्ज – मन डोले मेरा तन… (नागिन))
वर देगी, झोली भर देगी, 
तुम मां से करो पुकार रे, मात मेरी शेरावाली।।
सब देवों में देवी बड़ी है, मैया। शेराँवाली,
 सब भगतों पर महर करे माँ, नाम है मेहरांवाली,
श्री भक्तों…..
किस्मत जागे, दुःख दूर आगे, तू दोनों हाथ पसार रे।।
अनहोनी को होनी कर दे होनी को अनहोनी,
 आँखों से ममता बरसाए माँ की सूरत सलोनी,
ओ भक्तों….
मुख खोलो, तुम भी बोली, मेरी माँ की जय जयकार रे।।
मैय्या उसको शरण में लेती, जो करता अरदास है,
 तेरे द्वार पे आया भक्त, लेकर मन में आस है
तेरी लगन रहे, संग सदा रहे, भक्तो को करना प्यार रे।।
हां लेकर….

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