Fera Ka geet
पेल तो फेर ए बनड़ी दादाजी री पोती, दूज तो फेर ए बनड़ी बाबाजी री बेटी
ईगन तो फेर ए बनड़ी मामारी भाणेजी,
चौथ तो फेर ए बनड़ी हुई रे पराई।
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तूं क्यूं चंवरी डगमग थांरा आला लिला बांस जी
ई चंवरी सदाशीवजी चढ्या बाई पार्वती रा भरतार जी
ई चंवरी रामचन्द्रजी चढ्या बाई सीता रा भरतार जी
तूं क्यूं चंवरी डगमग थांरा आला लिला बांस जी
डरपलो बीन बडायलो, ज्यांर कोईयन आया साथ जी
ई चंबरी (Nam)चढ़ीया बाई (nam) रा भरतार जी (सब जंवाईका नाम लेणा)
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फेरा में गीत
धीमी धीमी चाल म्हारी रतन कंवारी,
रतन कंवारी म्हारी राज दूलारी ।
पेल तो फेर बनड़ी दादाजी री पोती,
दूज तो फेर लाडली बाबाजी री बेटी ।
दादाजी री पोती बनड़ी दादीजी री प्यारी ।
(इसी तरह फेरों का नाम लेणा)
***चंवरी में गीत1
झीलमील सितारों का आंगन होगा,
चमचम चमकती चंवरी होगी
बनड़ा से सुन्दर मेरी बनड़ी होगी ।
चमचम चमकती चंवरी होगी
दादाजी तेरे माथेका टीका लेकर आये हैं
बाबाजी तेरे माथे की रखड़ी लेकर आये है।
बीन्दीया से सुन्दर और क्या होगा । चमचम
पापाजी तेरे गले का हारज लेकर आये हैं ।
काकाजी तेरे हाथों की चूडीयां लेकर आये हैं
घडीयों से सुन्दर और क्या होगा चमचम चमकती
भैयाजी तेरे पैरों की पायल लेकर आये हैं
मामाजी तेरे अंगोकी चुनड़ लेकर आये हैं
चून्दड़ से सुन्दर और क्या होगा । चमचम चमकती ***
2चवरी गीत
मेरी प्यारी बहनीयां बनी है दूल्हनीयां
सजके आये हैं दूल्हे राजा, भैया राजा बजायेगा बाजा – २ सोलह श्रृंगार मेरी बहना करेगी
टीका चढेगा और हल्दी लगेगी
बहना के होठों पे झुमेगी नथनीया, और झुमेगें दूल्हे राजा भैया राजा बजायेगा बाजा – २
सेज से उठेगी और डोली पे चढ़ेगी
धरती पे बहना रानी पांव ना धरेगी
पलकों की पालकी में बहना को बिठाके,
ले जायेंगे दूल्हे राजा
भैया राजा …
सजना के घर चली जायेगी जो बहना होठ हंसेगे
मेरे रोयेंगे ये नयना
राखीयां पे रोज रानी बहना को बुलाऊंगा,
लेके आयेंगे दूल्हे राजा भैया राजा बजायेगा बाजा २
मेरी प्यारी बहनीयां
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३.
चंवरी में बैठी मेरी बाई, संग जिजाजी सरदार है।
जिनके हाथों मे तेरा हाथ है, तुझे जाना उन्ही के साथ है जोशी जी भी आये मंडप सजाये मंडप की शोभा न्यारी है २ इस मंडप में बैठो मेरी बाई इस चंवरी में सर्व सुहाग है जिनके हाथों में तेरा …
दादाजी भी आये दादीजी भी आये, आये हैं आशीर्वाद देने को
स्वीकार करो मेरी बाई आशीर्वाद में तेरा कल्याण है जिनके हाथो मे …
पापाजी भी आये मम्मीजी भी आये, आये है कन्यादान देने को
स्वीकार करो मेरी बाई कन्या दान में सर्व सुहाग है जिनके हाथो में …
मामाजी भी आये मायरा भी लायै चूड़ा चूनड़ सब साथ लिये
इस चुन्दर को ओढ़ो मेरी बाई इस चून्दड़ में सर्व सुहाग है जिनके हाथों में तेरा … चंवरी में बैठी मेरी बाई