श्री हनुमान आराधना
(तर्ज – दिल लूटनेवाले जादूगर)
जागो जागो बजरंग बली, मैं तुम्हें जगाने आया हूँ,
माता अंजनी के लाल उठो, मैं नींद खुलाने आया हूँ।।
सोने की झारी में भरकर, निर्मल गंगा जल लाया हूँ,
चंदन की चौकी पर बैठो, मैं स्नान कराने आया हूँ,
चोले के ले सामान वीर, मैं तुम्हें चढ़ाने आया हूँ।।
लो मुकुट पहन लो सोने का, यह हार पहन लो हीरों का, लो वस्त्र पहन लो गदा उठा, तुम वेश बना लो वीरों का, फूलों का हार बनाकर के, मैं तुम्हें पहनाने आया हूँ।।
घी, दूध और मक्खन, मिश्री, मिष्ठान्न, मलाई, फल, मेवा, थाली में छप्पन भोग सजे, सब भक्त करे तेरी सेवा,
हम सब के दुःखड़े दूर करो, प्रभु यही निवेदन लाया हूँ।।