सांस-सांस में बोले स्वामीजी
म्हारे सांस-सांस में बोले रे, सांवरिया स्वामीजी
ओ परबत है राई रे औलेरे, गुण दरिया स्वामीजी
निजर पसार निहारुं सामां, उबा दिखै स्वामीजी
पल-पल, विष में अमृत घोले रे, सांवरिया स्वामीजी
बात बात में शब्द शब्द में, घुर फिर आवे स्वामीजी
म्हारे घूमे औले दौले रे, सांवरिया स्वामीजी
कान लगार सुनूं तो हर, स्वर-स्वर में गुंजे स्वामीजी
म्हारां अन्तर श्रुति पट खोलै रे, सांवरिया स्वामीजी
आँख मुंद कर ध्यान धरूँ तो, घट में बैठ्या स्वामीजी म्हारो भीतरलो टंटोलै रे, सांवरिया स्वामीजी
समय-समय पर सावधान भी, करता रैवे स्वामीजी
हैलो देवै होलै होले रे, सांवरिया स्वामीजी
मैं स्वामीजी में रम ज्याऊँ, म्हारे मैं ज्यूँ स्वामीजी
चम्पक मनड़ो यूं झक झौले रे, सांवरिया स्वामीजी