श्री भैरव आराधना
(तर्ज-ओ फिरकी वाली….)
ओ काला गोरा, भैरूं नै मनाओ, भजन सब गाओ, तोल्याणै रै नाथ रा, ओ प्याला पीवो नीं, भैरूं जी म्हारे हाथ रा।।
तेल सिन्दूर थांरै तन पे लगायो, जिस से मूर्ति है चमकी, मालीपानासे बाबाथांनै सजायो,आसकरां म्हेअबकिसकी, ओ तोल्याणा-२, पार लगाना, देर नहीं लगाना, ओ दिवानों, को दर्शन देना, तरश रहे नयना,
गावां म्हे गुण आप रा, प्याला पीवो..।।
सोनीजी थांरेखातर घूघरिया ल्यावै, दर्जी कपड़ा ल्यावै है, लाडू पेड़ा ल्यावै कन्दोई, माला माली ल्यावे है, ओ तोल्याणा-२, हमें बचाना, मत करना बेगाना, हम तो आए, शरण में तेरी, करे काहे देरी, सेवक म्हे आप रा, ओ प्याला पीवो.. ।।
मैं अज्ञानी हूँ मेरे बाबा, आकर ज्ञान तुम को मुझ करे, पाया नहीं कोई धरती का नाका, माया कहते है इसको, आओ तोल्याणा-२, भरी खजाना, मौसम है सुहाना, थांरी माया, कोई नहीं जानै, नहीं पहचाने, बाजे है डमरू आपरा, ओ प्याला……
02
000
Door