Is Madhur Jingani Ka Bharosa Nahi

( तर्ज – तुम अगर साथ देने का वादा करो)
इस मधुर जिन्द‌गानी का भरोसा नहीं । कोन जाने ये पंछीकब उड़‌ जायेगा 
तेरा वश न चलेगा कोई भी वंहा काल जब सिर पे आकर के मंडरायेगा
ये मानव का भव् है बड़ा कीमतीपुण्य काहोउदय  तब कहीं ये मिले
गर विषय‌वासनाओं में डूबे रहे पाप र्केमों  चल‌ते रहे सिलसिले
 जो समय रहते मानव तू चेता नही
फिर पड़ा हाथ मलते ही रह जायेगा 
तेरे जीवन की हर मोड़ पर जो खड़ी हो मुसीबत तो तुम उनसे डरनानही
 हो निडर नेक रेस्ते रस्ते पे चलना सदा
झूठी राहो से होकर गुजरना नही 
जो करे सेवा निस्वार्थ दया भाव से
उसका ये भवतो समझो सुधर जायेगा
एक क्षणिक सुख के खातिर तेरे गर कोई 
हो दुःखी तो वो सुख भी है किस काम का
हो सके तो किसी की भलाई करो 
जाप जपते रहे तुम   प्रभु नाम का
 

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