झूम – २प्रभु के गुण गाले,गुण गाले प्रभू गुण गाले भव बन्धन कट जायेगा जो शरण प्रभु की आयेगा
हिल मिल्कर जिन मन्दिर आये आज
दर्शन पाये धन्य घड़ी धन्य भाग
हमबार करे नमस्कार जो शुद्ध भावना भायेगा,
वो मन वांछित फल पायेगा
लोभ क्रोध को इस जीवन से त्याग
माया मम ता छोद द्वेष और राग
तूकर विचार इसमें है सार महामंत्र बड़ा नवकार है
जप लेतो बेड़ा पार है।
वीमंडल कहता है बारम्बार
तप सयम हो जीवनका आधार
प्रभु को पुकार होना जो पार
भक्ति की ज्योति जगायेगा मुक्ति मंजिल पायेगा