Karke Tapsya Tan Ko Tapaya

(कितना बदल गया इन्सान)

कर के तपस्या, तन को तपाया, आप हैं बड़े महान,
 करें हम सब मिलकर सम्मान, 
करें हम सब मिलकर बहुमान । (२) ।
अरे सोना जब है आग में तपता तभी तो वो है कुन्दन बनता। संस्कार गर अच्छा मिलता, 
तभी तो सच्चा मार्ग है दिखता।
 धर्म की जड़ तो हरी रहेगी तप जप इसकी शान 
करें हम सब मिलकर सम्मान 3)
करें हम सब मिलकर बहुमान
 करें हम सब मिलकर 
बहुमान
मन को जो है वश में करता, वो ही मानव तप है करता,  तप की महिमा है अति भारी पुण्योदय से अवसर मिलता जैन धर्म तप को बताया, जिन शाश्चन की शान
 करें हम सब मिलकर सम्मान ) बहुमान,3) 
अपने कुल का नाम दीपाऐ, तपसी बनकर आगे आये कर के तपस्या की करम खपाएँ, मोक्ष मार्ग पर कद‌मबढाऐ
 वीर प्रभु की आज्ञा लेकर, करे चरण गतिमान 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top