आज बसंती हवा चली…
(लय-होलियां में उड़े रे…)
आज बसंती हवा चली है,-२
बागां में आयो ऋतुराज । गुरु दर्शन पाया ।। आं।।
आंगणियै में सुरतरू छायो । मंगल गावा आज
ऊजली ऊजली सड़कां बणी है घर-घर सज रह्या स्हाज ।
आज बड़ो है उत्सवै म्हारै । खुशिया बेअन्दाज ।।३।।
स्वागत करता रूं रू नाचै । हर्षित सकल समाज ।।४।।
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ॐ जय ॐ जय ॐ गुरुदेव मंगलकारी तुम स्वयमेव ॐ जय ती