Barse Bhadudo Rim Jhim (paryushan Parv)

बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम

(लय-अपने पिया की…)
मिलजुल कर आज सारा पर्युषण मनावां ।
बरसै भादूड़ो रिमझिम रिमझिम । धर्म जगावा
आवो पर्युषण मनावां ।। आं ।।
जैन धर्म रो महापर्व ओ शुभ संदेशो ल्यायो है ।
मोह नींद स्यू जागो लोगां सुंदर अवसर आयो है ।
मैत्री रा गीत गावां होSSSSS हरषावां ।।१।।
अपणै घर में आ ज्यावो अब छोड़ो घर-घर घूमणो ।
जग्यां-जग्यां स्यूं फाटी चादर नै संयम स्यूं तूमणो ।
असली निवास घर होSSSSSइण में आवां ।।२।।
तीन समाई, मौन दो घड़ी, एक घड़ी स्वाध्याय हो ।
रात्रि भोजन जमीकंद अरु सचित वस्तु परित्याज्य हो ।
वाणी विवेक कियां होSSSSS विसरावां ।।३।।
तप री धारा बहै निरंतर जप में शामिल होणो है ।
पौषध या राते संवर कर अप्रमत्त बन सोणो है ।
समता गंगोतरी में होSSSSS रोज न्हावां ।।
****सत्संग पर सत्संग हो रहे हैं, संस्कार ज्यों के त्यों है
 ।डॉक्टर पर डॉक्टर हो रहे हैं, बीमार ज्यों के त्यों हैं ।
पता नहीं मूल में ही भूल है या जमाना बदला है । 
दीप पर दीप जल रहे हैं अंधकार ज्यों का त्यों हैं ।।

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