(लय-म्हार हीरा जड़ियो आंगणियो कुण मैलों करग्यो रे )
मंद मंद मुस्कान तेरी मनड़े ने घणी लुभावै
तेरे चरणा की रज धुलि भव से पार लगावे-2
ओ शासन के सरताज तू तारण हारा लागे से -2
मै जपू सबेरे शाम नाम तेरा प्यारा लागे से
माँ नेमा जी के लाल नाम तेरा प्यारा लागे से – 2
जन्नत का सा लगे नजारा, जब तेरे दर आऊ-2
आंख्या ठण्डी हो जावे जब मैं तेरा दर्शन पाऊ-2
ओ महाश्रमण गुरुराज तू सिरजण हारा लागे से
मैजपू सवेरे शाम नाम तेरा प्यारा लागे से.
भटक्या चौरासी री गलिया जद मानव तन पायो
करम करया कोई आछा जद में जैनी बण करआयो- 2
हे महाश्रमण गुरुराज, जगत में न्यारा लागे सै
मैजपू सवेरे शाम नाम तेरा प्यारा लागे से.
तेरे नाम री महक उठी है माटी र कण कण में -2
देख तेरा ही जयनारा गूंजे है बीच गगन में – 2
तेरे चरणा चारों धाम गुरु जी मने प्यारा लागैसे
मैं जपू सवेरे—
जय महाश्रमण-2 जय ज्योति चरण —–