( लय- राम आयेगे)
मेरी झोपड़ी के भाग के भाग, आज खुल जायगे
वीर आयेगे-2 वीरआयेगें वीर आयेंगे -2
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वीरआयेगेंतो अंगना सजाऊंगी, माणक मोती सै प्रभुकों मै बधाऊंगी
मेरे जन्मो कसारे पाप मिट जायेंगे, वीर आयंगे-2
मेरी झोपड़ी—
मेरे वीर को में पालना झूलाऊगी,
माता त्रिशला की लोरीमै सुनाऊंगी
मेरे रोम-2 में प्रभु बस जायेंगे ,वीर आयंगे
मेरी झोपड़ी—
मन मन्दिर में प्रभु को में बिठाऊगी,
भाव, पुष्पों से उन्को सजाऊंगी
मेरी नैया की खेवैया प्रभु बन जायेंगे, वीर आयेंगे -2
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जायेंगे