(लय – आये हो मेरी जिन्दगी में तुम बहार बनके)
उजला, प्रभात आया है अंगना हमारे- 2
खुशियों के दीप लेकेsss,हम आरती उतारे
सन्तों की सन्निधि पा माटी बनी है चंदन
धरती गगन का लेलो श्रद्धा भरा समर्पण
गुरु की कृपा से आई sss-2है ज्ञान गंगाद्वारे
अज्ञान के अंधेरे में दीप नव जले है
पाकर तुम्हे चमन के sss-2 सारे सुमन खिले हैं।
तप त्याग की प्रतिष्ठा,हम भाग्यशाली सारे
अभिवंदना मुनिवर की उद्धत दशों दिशाये
स्वागत में गा रही है भावों से सब ऋचाएं
आलोक नव मिलेगा, सब आपको निहारे