*(लय- चांद चढ़यो गिगनार )
लिख दयो म्हारे रोम-रोम में
लिख दयो म्हारे रोम रोम में अरिहंता रो नाम प्रभु-2
लिख दयो म्हारे रोम रोम में
शीश पर म्हार रिषभ नाथ जी ,माथे अजित प्रभु रो नाम काना म्हारे संभव लिख दयो,
आंख्यामें अभिनन्दन नाम-2
नाक पर प्रभु सुमति लिखदयो, होटा पदम प्रभुरो नाम -2 जीभपर सुपारस लिख दयो,
मुख पर चन्द्र प्रभु रोनाम-2ऊ
कांधे सुविधि शीतल लिखदयो हाथा पर श्रेयांश रोनाम हथेल्या पर वासुपूज्य प्रभु
आंगलिया पर बिमल रोनाम-2
लिख दयो म्हारे रोम रोम में
कंठ पर अनंत लिखदयो, गर्दन पर प्रभु धर्म रो नाम छाती पर प्रभु शांति लिखदयो,
नाभि कुंथु अर रो नाम – 2
लिख दयो म्हारे रोम रोम मे
पेट पर मल्लि नाथ लिखदयो, पीठ पर मुनिसुब्रतनाथ -2 कमर पर नमि नेमि लिखदयो,
हृदय पाश्र्व महावीर रोनाम-2
लिख दयो म्हारे रोम रोम में
चरणा में प्रभु थारे लिखल्यो ,थारे भगत रो नाम प्रभु -2
थारी भगति मन स्यू गांवा सरे अमित सब काम प्रभु-2 लिख दयो धारै रोम रोम में अरिहंता से नाम प्रभु: