यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
सांस सांस पर परमात्मा का ध्यान लगाये हम
किमन को शान्त बनाये हम
1 जीवन है संग्राम से जीना सीखे हम
अमृत व विष दोनो को पीना सीखे हम
लाभ अलाभ हर्ष, शोक में सम् बन जाए हम
कि मनको मन को शान्त बनाये हम
2. वर्तमान में जीने का अभ्यास बढ़ाते जाये
भूतकाल के चिन्तन मे हमसमय नहीं गवाये
प्रतिक्रिया के घावो से निजको बचाये हम
कि मन को शान्त बनाये हम-2
3सहज भाव से हम अपना कर्तव्य निभाते जाये -2 .
होविश्वास अटल पर फल की आशा नहीं सताये
आधि व्याथि और उपाधि का भार मिटाये हम
बढ़े आत्म विश्वास सदा उल्लास भावना भी हो
मिटे सभी तनाव सजगता सदा साधना में हो।
दुख के क्षणको भी सुख में परिणत कर पाये हम
कि मन को शान्त बनाये हम