Ambe Tu Hai Jagdambe Kali

यह पारंपरिक भक्ति शैली में रचा गया गीत है। A song in traditional devotional form.

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परखवाली
:: आरती ::
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली, तेरे ही गुण गाये भारती, औ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे जगत के भक्त जनन पर भीड़ पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी।। सौ सौ सिंहो से तू बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली. दुष्टों को तू ही संहारती ।।1।। ओ मैय्या.
माँ बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता। पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता ।। सब पे करूणा बरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली, दुखियों के दुखड़े निवारती ।।2।। ओ मैय्या.
नहीं मांगते धन और दौलत, ना चांदी ना सोना। हम तो मांगे मां तेरे मन में, एक छोटा-सा कोना।। सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को संवारती ।।3।। ओ मैय्या…..
चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली। वरद हस्त सर पर रख दो मां संकट हरने वाली।। मां भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओ वाली, भक्तों के कारज तू ही सारती ।।4।। ओ मैय्या….

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top