यह पारंपरिक भक्ति शैली में रचा गया गीत है। A song in traditional devotional form.
श्री अञ्जनी माता की आरती
ॐ जय अंजनी माता, मैया जय अंजनी माता ।
कपि केशरी महारानी, हनुमत की माता ॥ टेर।।
चार भुजा अति सुन्दर, शीश मुकुट सोहे, मैया शीश..
गल मोतियन की माला, दर्शन मन मोहे ॥ॐ जय..
आदि कुमारी माता, शक्ति जगदम्बा, मैया शक्तिक
उमा रमा ब्रह्माणी, त्रिभुवन जन पन्नाराम सुखदाता, जिन पर कृपा करी, मैया जिन.. अम्बा ॥ॐ जय..
रचना रुचिर रचाई, सालासर नगरी ॥ॐ जय..
सिद्ध पीठ यह मातु, हरि की नामकरण कीन्हा, मैया नामकरण.
भजनी दास तिहारो, तिन को वर दीन्हा ॥ ॐ जय..
यह आरती माताजी की जो कोई नर गावे, मैया जो कोई.. हनुमानजी की कृपा से जग में, सुख समृद्धि पावे ॥ ॐ जय..