Shiv Bhajan (sun Ke Bhakto Ki Pukar)

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.

तर्ज (Tune): लेके पहला पहला प्यार

भजन के बोल / Lyrics

शिव भजन
सुनके भगतों  की पुकार, होके नंदी पे सवार
 काशी नगरी से आये है, मेरे भोलेनाथ
भस्मी रमाये, देखो, डमरू बजायै
 कैसा निराला भोले रूप सजाये 
गले सर्पो का है हार, होके नंदी पे सवार,…
2 मृगछाला  पहने हैं भोले, जटाओं में गंगा 
चम-चम चमके है शीश पे चंदा 
गौरी मां बैठी है साथ ,होके नंदी पे सवार,…
३. देवो के देव इनकी महिमा महान है 
भोले भक्तों के ये तोभोले भगवानहै
  करने भक्तो का उद्धार ,होके नंदी पे सवार,…

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top