Ma
माँ का अंदाजा सदा सही था। सब्जी में नमक का, रिश्तों में कसक का, भविष्य की बचत का, गलतियों में चपत का, बच्चों के चरित्र का, गैरों में मित्र का, बेटी में संस्कार का, अपनों में व्यवहार का। फिर भी न जाने क्यों बस उसे एक बात ही सुनने को मिलती माँ तुम कुछ नहीं […]