Author name: Sunita Dugar

Mahaveer, Mahavir

24,Chobis Ve Tirthankar Bhagwan Mahaveer Ki Kahani

sybmol(प्रतीक )of Tirthankar  Mahavir- Lion भगवान् श्री महावीर भगवान् ऋषभ तीसरे आरे (काल विभाग) के अन्त में हुये थे। और भगवान् महावीर ने चौथे आरे के अन्त में जन्म लिया था। इस अवसर्पिणी काल के वे अंतिम तीर्थङ्कर थे। आज का जैन-दर्शन उनकी वाणी का ही फलित है। भगवान् महावीर इतिहासकारों की दृष्टि में महान् […]

Naminath

21. Ikkis Ve Tirthankar Bhagwan Naminath Ki Kahani

21ve Tirthankar Bhagwan Shree Neminath Ka Symbol (Pratik)-Blue Lotus भगवान् श्री नमिनाथ तीर्थंकर गोत्र का बंध पश्चिम महाविदेह की कोशांबी नगरी के राजा सिद्धार्थ ने अपने राज्य की उत्तम व्यवस्था कर रखी थी। पारस्परिक विग्रह समाप्तप्रायः था। राज्य में किसी भी वस्तु का अभाव नहीं था। हर व्यक्ति अपने-अपने स्थान पर संतुष्ट थे। एकदा संसार

Tulsi

Chanderi Ke Chand Dhara Par Nam Amar Tera

(लय- अंग्रेजी में कहते हैं) चंदेरी के चाँद धरा पर नाम अमर तेरा  राष्ट्र संत तुलसी दुनिया में  काम  अमर तेरा  मानवता के अमर मसीहा जन जन  की आस्था के धाम  परम पुण्य पावन चरणों में, करे हम भाव से वन्दन है, भक्ति से अर्चन है, तन मन अर्पणहै सहज समर्पण है बोले जयतुलसी ।

Mahapragya

Mousam Hai Suhano Ujali Bhor

महाप्रज्ञजी (जन्मोत्सव) मौसम है सुहाणो उजली भोर न्हायो हैरोशनी  में गांव टमकोर  तोलामल जी तात निहाल-2 जननी बालू जी खुशहाल पा सुत कालजिय री कोर  लियो दिव्य ज्योति अवतार  स्वागत करे सकल संसार जन समदर म हर्ष हिलोर  मिल्यो विश्व न दिव्य प्रकाश  मैत्री करुणा रो आश्वास विरल अहिंसा यावा दोर  महाप्रज्ञ रो जन्मोत्सव आध्यात्मिक

Terapanth

He He Sangh Ki Bel Fale

(लय-नीले गगन के तले)  हे संघ की बेल  फले जग में ज्योति जले-2  ऐसे ही फैले एैसे ही पसरे ऐसे ही फूले फले हे हे संघ की बेल फले  जग मे ज्योति जले । भिक्षु  राज की सुन्दर बगिया देखो ये कैसे फलेऽऽऽ खुशबू फैले महके चहुं दिश सुरभित जग को करें  जगमे ज्योति जले 

Terapanth

Jago Bahino Navprabhat Ye Jagriti Ka Aavan Kare (Mahila Mandal)

जागो बहिनो नव प्रभात यह जागृति काआह्रान करे  हम आज नया निर्माण करे हम युगधारा मे प्राण भरे  एक लक्ष्य से -2 एक दिशा में  एकसाथअभियानकरे  हम आज नया निर्माण करें, हम युग धारा में प्राण भरे १.श्रद्धा सेवा सहन शीलता नारी के श्रृंगार है  समता और सृजनता सुखमय ,जीवन के आधारहै-2 महिलाओं की कार्यकुशलता

Tapsya

Tapsya Ki Aayi Hai Bahar Ji Badhayi Hove

तपस्या की आई है बहार जी -2बधाई होवै जीवन का पाते वो ही सार-2बधाई होवै धन्य तपस्वी उत्तम प्राणी-2  तपस्या से करे भवपार -2 जी बधाई-2 होवे तपस्या के बारह भेद बताये-2  करले जो शक्ति अनुसार -2जी बधाई होवै कर्म खपाने का मार्ग तपस्या -2  महिमा है तप की अपरम्पार-2 जी बधाई होवे  तपस्या से

Guru

Mahashrmani Ji(pramukha Shree Ji)

Manbhawvan mousam mahak raha ye Mangal bela aayi hai Guruvar ki charan Sharan pakar murjhi bagiya viksayi hai He sarswati sakshat Mahasativsr hum Vandan karte hai Singapur ke shrawak shradha se jhuk Abhinandan karte hai He mrudubhashi Mamata ki Murat Tav sannidhi Shukh dayi hai He shakti ki sanvahini humoko bhi aisa vardan mile Gyan

Krishna Ji, Shyam

Milta Hai Sacha Sukh Keval Bhagwan

मिलता है सच्चा सुख केवल, भगवान तुम्हारे चरणों मे  ये विनती है पल छीन छीन , रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों मे चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे कांटों पे मुझे चलनाहो चाहे

Mata Pita Beti Beta

Ma

माँ का अंदाजा सदा सही था। सब्जी में नमक का, रिश्तों में कसक का, भविष्य की बचत का, गलतियों में चपत का, बच्चों के चरित्र का, गैरों में मित्र का, बेटी में संस्कार का, अपनों में व्यवहार का। फिर भी न जाने क्यों बस उसे एक बात ही सुनने को मिलती माँ तुम कुछ नहीं

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