Author name: Sunita Dugar

Bhachya, Tapasya Geet

Gava Gava Tap Gun Gan Tapasi Re Aangniye

गावा गावा तप गुण गान  तपसी रे आंगणीये  तपसी रो करा सम्मान  तपसी रे आंगणीये  क्षयो पक्षम जदजोर लगावे  तप करणे री मन मे आवे  हुवे चरण गतिमान  तपसी रे आंगणीये  हुवे चरण गतिमान  तपसी रे आंगणीये  तनडो बोले खाउ खाउ  मनडो बोले दोड  लगाउ  पण तप आतम रुझान  तपसी रे आंगणीये  गावा गावा तप […]

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

“Aayo Jyu Hi Jasi

आयो ज्यू ही जासी आयो ज्यू ही जासी, ओ अवसर कद ,कद पासी रे , बोल मीठों बोल बेसी जीणो है नहीं, अरे बोल मीठों बोल बेसी जीतो है नही 1.चौरासी भटक्यो जद भोला मिनख जमारो पायो है झूठ जग री झुठी माया मूरख क्यु भरमायो है अरे भलों किया सु भलों हुवेला,बुरों किया पछतासी

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Biro Banjaaro Re

मोरू भाई पांवणा / राजस्थानी आया आया रेमोरू भाई पांवणा कांई आगे धोरा वाळो देशबीरो बणजारो रेकांई आया म्‍हारा देवर जेठबीरो बणजारो रे सासू रांध्‍या रे मोरू भाई बांकळाम्‍हारी नणद बिलोवे खाटी छाछबीरो बणजारो रे मंगरिया उंछाळू रेमोरू भाई बांकळानदिया में लिमोऊं खाटी छाछबीरो बणजारो रे माथा धोऊं रेमोरू भाई मेट सू कोई घालु चमेली

Dance, Deshbhakti, Marwari Lokgeet

Jay Jay Rajsthan

  जय जय राजस्थान / राजस्थानी गोरे धोरां री धरती रोपिचरंग पाणा री धरती रो , पीतल पातल री धरती रो, मीरा करमा री धरती रोकितरो कितरो रे करां म्हें बखाण, कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान …धर कुंचा भई धर मंजलांधर कुंचा भई धर मंजलांधर मंजलां भई धर मंजलांकोटा बूंदी भलो भरतपुर अलवर

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Jija Tu Kala Mai Gouri Ghani

जीजा तू काला मैं गौरी घणी,-२फोटू खिंचवाना दो नु जणी-२ जीजा — जीजा तू मोटा मैं पतली घणी,-२तकड़ी  तुल जावा दोनु जणा-२ओहो—- जीजा जी जीजाजी महारा जीजाजी, जीजा तू लाम्बा में ठिगणी घणी-२सीढी चढ़ जावा दोनु जणा -२ जीजा तू बादल मैं बिजली -२बारिश बण जावा दोनु जणा -२———

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Jal Jamna Ro Pani

 जल जमना रो पाणी  जल जमना रो पाणी कइया ल्याउ ओ रसिया  पतली लुल लुल जाय -२  छोटोड़ी नणद म्हारी पानी कोनी लावे ‘बा घरा बैठी हुकुम चलावे ओ  रसिया , पतली कमर —— सर पर घड़लो ,घड़े पर मटकी ,मटकी ऊपर कलशो कोणी चाले ओ रसिया  पतली कमर म्हारी ——- ऊँची ऊँची पाल घडो

Deshbhakti, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani Dance

Bharat Mharo Desh Putharo Vesh

BHARAT MHAARO DESH FUTARO VESH  भारत म्हारो देश फूटरो वेश के धन- धन भारती,  बोलो जय जय कार उतारो आरती ,हो हो उतारो आरती —–  सोनो उगले धरती अम्बर ,मोतीड़ा बरसावे रे,  मुलके सूरज चाँद गीत कोयलड़ी मीठा गावे रे,  हिमगिरि योगी राज शीश पर ताज की गंगा वारती,  समदरिया री लहरा चरण पखारती (१)

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Devriyo Mharo Reejh Rahyo Parnariya

देवरियों म्हारो रीझ रहयो परनारियां-४ सैलानी रीझ रहयो परनारियां- अम्बर में दिवलों जगे जी कोई बिन बाती बिन तेल -२ चारु कूटां चानणो जी कोई यो कुदरत रो खेल -२ देवरियों महारौ—– चार कूंट को न्यातणो जी कोई बांधया मूंग मरोड़ -२ पाडोसी को डावडो जी कोई रहग्यो मूंछ मरोड़ -२ देवरियो महारो– तेरी कोटड़ी मेंरो

Krishna Ji, Shyam

Bhar De Mayro Savriya Nani Bai Ko

नानी बाई को मायरो  भरदे मायरो सांवरिया नानीबाई कोभरदे मायरो -४ और तो सगाई ने सांवरा महल मालिया -२ कोई नरसी भगत ने टूटेडी छपडी, भरदे,मायरो –२ और तो सगा ने सांवरा हिंगलू ढोलिया,-२ कोई नरसी भगत ने टूटेडी मचली, भर दे मायरो -२ करमा कांई काकी लाग-२ रूचि रूचि भोग लगायो सांवरा -२ भरदे

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra Geet

Aao Birosa Thane Motya Su Badhawa

AAO BIROSA THANE MOTYA SU BADHAVA  आओ बीरोसा थाने मोत्या सु बधावा -२  वीर बधावा म्हे तो हरसावा जी म्हे तो  मुलकावा  महार बीरे न बधावा, आओ बीरोसा——— बीरा आया भावज आया और भतीजा साथ जी -२  नेह ड ले री  चुनड़ म्हारे बीरोसा र हाथ जी-२  हो बीरा चुनड़ न चारु कुंटा चिमकावा -२

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