Author name: Sunita Dugar

Deshbhakti

Sare Jaha Se Achha Hindosta Hamara

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2 हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्तां हमारा सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2 परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमां का  वो संतरी हमारा, वो पासबां हमारा गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ  गुलशन है जिसके […]

Deshbhakti

Dil Diya Hai Jan Bhi Denge A Vatan Tere Liye

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मेरा दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए कर्मा तू, मेरा धर्मा तू तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए  दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए हर करम

Jain Mantra

Dipawali Poojan Jain Vidhi Se

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. दीपावली पर्व पूजा (जैन विधी से) “आवश्यक-सामग्री” अक्षत (चावल) कुंकुम, मोली, गुड़, जल-कलश, अगरबत्ती, पटृ, सिक्के, लाल वस्त्र, घृत का दीपक, थाल एवं मंगल-भावना यंत्र आदि। विधिः सर्व प्रथम पूर्वाभिमुख होकर “मंगल भावना-यंत्र को उचित स्थान पर स्थापित करें। थाल

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Bhikshu Ashtkam (Aachary Mahapragya Ji)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. भिक्षु अष्टकम् (आचार्य महाप्रज्ञ) १. अकम्पः संकल्पः क्वचिदपि न केनापि चलितः,  न चित्ते चांचल्यं न च विपथगामीन्द्रियगणः।  समं सोढा गालिः क्वचन घनमुष्टेः प्रहरणं,  प्रसन्ना त्मा भिक्षुर्नयनमवतारं नयतु मे ॥ तेरापंथ के आद्यप्रणेता आचार्य भिक्षु दृढ संकल्प के धनी थे। कोई

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Tulsi Ashtkam (Aachary Tulsi)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. तुलसी अष्टकम् (आचार्य महाप्रज्ञ) १. सदानंदस्पंदः प्रवहति मनोहारिवदने,  प्रशस्तं वात्सल्यं स्फुरति सुखदं नेत्रयुगले ।  विकासे विन्यस्ता विमलविपुला दृष्टिरनिशं,  जगद् वंद्म: स्वामी विशदचरितो नाम तुलसी ॥  जिनके मनोहारी मुख पर सदा आनन्द का स्पन्दन प्रवाहित रहता था, जिनके दोनों नेत्रों में

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Mahapragya Ashtkam

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. महाप्रज्ञ-अष्टकम् (युवाचार्य महाश्रमण) १. पुनीतान्तः प्रज्ञा गहनतम तत्त्वेषु निपुणा, श्रुतस्वाध्यायेन सुविदितरहस्यो विभुवरः । प्रशस्या शास्त्राणां सुषमतर-सम्पादन-सृतिः,  महाप्रज्ञः पूज्यो जिनपतिसरूपो गुरुवरः ॥ आपकी पुनीत अन्तःप्रज्ञा गहनतम तत्त्वों को जानने में निपुण है। आपने आगमों के स्वाध्याय से उनके रहस्यों को भलीभांति

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Roj Pratidin Niyam Le. (Roj Ki Kamayi)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. आँखें बन्द करके एक अंगुली उपरोक्त खानों पर रखें। आँख खोलने पर अंगुली जिस नम्बर पर हो, उस दिन उस नम्बर का त्याग करें। असुविधा हो तो एक चाँस और ले लें। रोज की कमाई नियम तालिकाः १. नमस्कार महामंत्र

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Mahavir Ashtkam, (Aachary Mahapragya)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. महावीर अष्टकम् (आचार्य महाप्रज) १. अनेकान्तः कान्तः सकलसरितां संगम इव,  प्रवादे स्याद्वादः सकलवचसामुद् गम इव ।  न सत्यं सत्यांशैर्वियुतमिह दृष्टं बुधजनैः,  महावीरो धीरः स्फुरतु मम चित्ते प्रतिपलम् ॥ भगवान ने सत्य की उपलब्धि के लिए अभिलषणीय ‘अनेकांत’ का दर्शन दिया,

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Mahavir Ashtkam

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. महावीर अष्टकम् यदीये चैतन्ये मुकुर इव भावाश्चिदचितः,  समं भान्ति ध्रौव्य व्यय-जनि-लसतोऽन्तरहिताः  जगत्-साक्षी मारग प्रकटनपरो भानुरिव यो,  महावीरस्वामी नमन पथ-गामी भवतु मे ॥ २. अताम्र यच्चक्षुः कमलयुगलं स्पन्दरहितं,  जनान् कोपापायं प्रकटयति वाऽऽभ्यन्तरमपि ।  स्फुटं मूर्ति यस्य प्रशमितमयी वातिविमला,  महावीरस्वामी नयन-पथ-गामी भवतु

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Anashan, Santhara Lene Ki Vidhi (संथारा)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. अनशन (संथारा) अनशन की पूर्व भूमिका को संलेखना  कहते हैं। संलेखना से आत्मा को शुद्ध कर ने के पश्त्चात  शारीरिक क्षमता व मनोबल देखकर संथारा (अनशन) किया जाता है। संथारा दो प्रकार का होता हैं:- १. सागारी संथारा (थोड़े काल

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