Author name: Sunita Dugar

Jain Mantra

Navanvik Adhyatmic Anushthan

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. नवान्हिक आध्यात्मिक अनुष्ठान विधि अनुष्ठान  प्रारंभ प्रथम दिन प्रातःकालीन सत्र से किया जाए एवं अनुष्ठान का समापन अन्तिम रात्रि के ५.३० बजे यानी पश्चिम रात्रिकालीन सत्र में किया जाए। प्रातः ९-३० से १०.०० तक (प्रतिदिन) चांदेसु निम्मलयरा, आइच्चेसु अहियं पयासयरा। […]

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Koti Jap Anushthan

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. कोटि जप अनुष्ठान (नमस्कार महामंत्र के सवा करोड़ जप का अनुष्ठान) (९०८ व्यक्तियों द्वारा १०८ दिन प्रतिदिन पांचों पदों की अलग-अलग ११ माला फेरने पर) प्रारंभ आषाढ़ शुक्ला १४ समापन   कार्तिक शुक्ला २ माला.   प्रतिदिन कुल ५५ माला दिशा.  उत्तर

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Ghantakarn Mantra. &Chinta Mani Parshvnath Stotram

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. घंटाकर्ण मंत्र १. ॐ घंटाकणों महावीरः सर्वव्याधि-विनाशकः । विस्फोटकभयं प्राप्ते, रक्ष रक्ष महाबलः ॥ २. यत्र तवं तिष्ठसे देव! लिखितोऽक्षर-पंक्तिभिः । रोगास्तत्र प्रणश्यन्ति, वातपित्तकफोद्भवाः ॥ ३. तत्र राजभयं नास्ति, यान्ति कर्णेजपाः क्षयम् । शाकिनी-भूतवेताला, राक्षसाः प्रभवन्ति नो ॥ ४. नाकाले

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UpsargHar Stotra (Laghu)

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. उपसर्गहर स्तोत्र (लघु) (आचार्य भद्रबाहु स्वामी द्वारा विरचित) १. उवसग्गहरं पासं, पासं वंदामि कम्मघणमुक्कं । विसहर-विसनिन्नासं, मंगल कल्लाण आवासं ॥  शासन पर होने वाले उपसर्गों को दूर करने वाला पाश्वं देवता जिनके चरणों में सेवक है, कर्म-रूप सघन बादलों से

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Kalyan Mandir Stotra (संस्कृत हिन्दी कविता रुप अर्थके साथ/

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. कल्याण-मन्दिर की साधनाः आचार्य सिद्धसेन दिवाकर रचित यह काव्य बहुत ही चमत्कारिक है। इसका स्मरण पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके सूर्यास्त होने के समय से लेकर रात्रि के दस बजे तक करें। लम्बे समय तक निरन्तर जाप करने

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Shree Vajra Panjar Stotra

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. श्री वज्रपंजर स्तोत्र १. परमेष्ठि-नमस्कार, सारं नवपदात्मकम् । आत्मरक्षाकरं वज्रपंजराभं स्मराम्यहम् ॥ २ ॐ नमो अरिहंताणं, शिरस्कं शिरसि स्थितम् । ॐ नमो सव्वसिद्धाणं, मुखे मुखपटं वरम् ॥ . ३ॐ नमो आयरियाणं, अंगरक्षाऽतिशायिनी ।  ॐ नमो उवज्झायाणं, आयुधं हस्तयोर्दृढम् ॥ ४.ॐ

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Shree Brihad Shanti Stotra

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. श्री बृहत् शान्ति स्तोत्र (संक्षिप्त) ॐ पुण्याहं पुण्याहं प्रीयन्तां प्रीयन्तां  भगवन्तोऽर्हन्तः सर्वज्ञाः  सर्वदर्शिनः त्रिलोकनाथाः,  त्रिलोक-महिताः त्रिलोकपूज्याः त्रिलोकेश्वराः त्रिलोकोद् द्योतकरा। ॐ ऋषभ-अजित-संभव-अभिनन्दन सुमति-पद्मप्रभ-सुपार्श्व-चन्द्रप्रभ-सुविधि-शीन-श्रेयांस-वासुपूज्य-विमल-अनन्त-धर्म-शांतिकुन्धु-अर-मल्लि-मुनिसुव्रत-नमि-नेमि-पाश्र्व वरधमानान्ता जिनाः शान्ताः शान्तिकरा भवन्तु स्हावा। ॐ मुनयो मुनिप्रवरा रिपुविजय दुर्भिक्ष -कान्तारेषु दुर्गमार्गेषु रक्षन्तु वो नित्यं स्वाहा ॐ

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Mangal Bhawna, Aanand Bhawna

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. आनन्द भावना मंगल भावना १. श्री-संपत्रोऽहं स्याम्  मैंआभा सम्पन्न बनू २. ही संपन्नोऽहं. स्याम ‌ मै लज्जा सम्पन्न बनु ३. धी संपन्नोऽहं स्याम्  मैं बुद्धि सम्पन्न बनु ४. ध्रूति-संपन्नोऽहं स्याम  मै धैर्य सम्पन्न बनु  ५ शक्ति संपन्नोऽहं स्याम्  मै शक्ति

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Poushadh Lene Parne Ki Vidhi

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. पौषध परिभाषा  धर्म को पुष्ट करने वाले व्रत-विशेष का नाम पौषध है। एक दिन एक रात के लिए चारों प्रकार के (अशन, पानी, मेवा तथा तांबूल) आहार का त्याग करना अथवा पानी के सिवाय तीन आहार का त्याग करना उपवास

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Samayik Aur Sanvar Path With Aalochana

यह नित्य प्रार्थना और दैनिक पूजा-पाठ का गीत है। Part of daily prayer and worship. सामायिक साधना  सामायिक पाठ करेमि भंते। सामाइयं सावज्जं जोगं पच्चक्खामि जाव नियमं (मुहुत्तं एगं) पज्जुवासामि दुविहं तिविहेणं न करेमि न कारवेमि मणसा वयसा कायसा तस्स भंते ! पडिक्कमामि निंदामि गरिहामि अप्पाणं वोसिरामि। सामायिक आलोचना पाठ नौंवें सामायिक व्रत में जो

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