Author name: Sunita Dugar

Krishna Ji, Shyam

Yadi Nath Ka Nam Dayanidhi Hai To

(लय- यदि भला किसी का कर न सको तो) यदि नाथ का नाम दया निधि है तो दया भी करेंगे कभी ना कभी  दुख हारी हरि दुखिया जन के दुख कलेश हरेंगे कभी ना कभी यदि नाथ का नाम…… 1. जिस अंग की शोभा सुहावनी है।  जिस श्यामल रंग में मोहनी है  उस रूप सुधा […]

Hanuman Ji, Ram

Meri Naiya Me Lakshman Ram O Ganga Maiya Dheere Baho

श्री राम भजन मेरी नैया में लक्ष्मण राम गंगा मैया धीरे बहो… मेरी नइया में राम जी सवार गंगा मैया धीरे बहो  किसकी गंगा किसकी मैया, किसके लक्ष्मण राम  गंगा मैया धीरे बहो.  मेरी नैया में लक्ष्मण राम गंगा मैया धीरे भागीरथ की गंगा, केवट की नैया ,दशरथ के लक्ष्मण राम गंगा मैया धीरे बहो.

Terapanth

Hamare Bhagya Bade Balwan

(लयः बना मन मंदिर आलीशान) रचयिता : आचार्यश्री तुलसी हमारे भाग्य बड़े बलवान हमारे भाग्य बड़े बलवान, मिला यह तेरापंथ महान । करने जीवन का कल्याण, मिला यह तेरापंथ महान ।। १. भिक्षु ने ढूंढ़ निकाला, कैसा अमृतमय प्याला ।  आला धार्मिक जग की शान ।। २. जो व्यापक बनने आया, है वर्गातीत कहाया ।

Hanuman Ji, Ram

Mithila Ka Kan Kan Khila

मिथिला का कण कण खिला (राम विवाह) मिथिला का कण-कण खिला, जमाई राजा राम मिला  जनक सुता संग तुम रहियो ऐसे।  कनक कली पर भंवरा जैसे हे रामचंद्र चकोरी सिया, जमाई राजा राम मिला। मिथिला का कण-कणखिला…..  कनक अटारी जनक दुलारी।  निरख रही है तोहे धनुषधारी ,लेके पलकों में तुमको छुपा,  जमाई राजा राम मिला।

Bana Bani

Chhup Gaye Sare Najare

बन्ना बन्नी गीत छुप गये सारे नजारे होए क्या हो गयी-2 बन्नी चलो ना फेरो पे आधी रात हो गयी-2 छुप गये सारे नज…….. टीका लाया रे बन्ना झुमके लाया रे बन्ना बन्नी पहनो खुशी से होए क्या बात हो गयी बन्नी चलो ना फेरो……….. कंगन लाया रे बन्ना चुड़िया लाया रे बन्ना बन्नी पहनों

Adhyatmik, Nirgun, Satsang

Chhodo Kyu Koni Krodh Ro Nasho

छोडो क्यूं कोनी।   (तर्ज : मन्दिर में कोई ढूंढ़ती फिरै…) छोड़ो क्यूं कोनी क्रोध रो नशो ? थांरी आंख्यां में लोही रो ऊफाण । छोड़ो क्यूं कोनी क्रोध से नशो ?  थांरी अक-बक बकणै री पड़गी बाण ।  दूजां नै कालै नाग ज्यूं डसो ।। क्रोध बड़ो दुर्गुण दुनिया में, घट-घट में बसनारो ।  जिण

Krishna Ji, Shyam

Ekali Khadi Re Meerabai Ekali Khadi

एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी-2 ,  गिरिधरआवो तो सरि  -मोहन आवो तो सरि,  गिरिधर  आओ तो सरि माधव र मन्दिर में मीराबाई एकली खड़ी  थे कहवो तो सांवरा में, मोर मुकुट बन जाऊ  पेहरण लागे सांवरो रे, मस्तक पर रम जाऊ जी  थे कहवो तो सांवरा में काजलियो बन जाऊजी  नैन लगावे सावरों

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Karo Tum Daya Mere Ganraj

(लय – आज मेरे यार की शादीहै) करो तुम दया मेरे गणराज – 22  हाथ जोड़ कर करु मै विनती  राखो मेरी लाज – करो तुम दया मेरे गणराज  नजर इस ओर करो तुम ये मेरा जनम सुधारो  सुनो मेरे नाथ गजानन विघ्न सारे, मेरे सारे टारो  जहाँ हो तेरा बसेरा वहाँ सब सुख  के

Mata Ji, Mataji

Maiya Mujhe Maalum Nahi

देवी गीत ( लय- भगवान तुम्हें मैं खत लिखता) मैया मुझे मालूम नही तुम्हें कैसे सजाया जाता है माथे बिंदिया लगायी जाती है  सिंदूर लगाया जाता है फिर लाल चुनरिया गोट् की तेरे सिर पे औढाई जाती है मैया मुझे मालूम नहीं… एक नथनी पहनाई जाती है और लाली लगायी जाती है फिर लाल चुनरिया

Swagat Geet

Sanso Ki Sargam Gaye Suswagatam

स्वागतगीत सांसों की सरगम गाए सू स्वागतम सांसों की सरगम गाए सु. स्वागतम सू स्वागतम – सू स्वागतम सू स्वागतम आऽऽ आऽऽ आ  मन मुतियन की माला गूंथे, हृदय कमल के फूल खिलाएं आऽऽ आऽऽ आ मन मुतियन की माला गूंथे, हृदय कमल के फूल खिलाएं प्रेम रंग रंगोली सजाए ओ ss ओ  प्रेम रंग

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