Author name: Sunita Dugar

Krishna Ji, Shyam

Nand Lalo Yo Maiya Bigad Gayo Re

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-दो हंसो का जोड़ा….) नन्द लालो यो मैया बिगड़ गयो रे,  मेरी मटकी को माखन सबड़ गयो रे ।। टेर ।। कल रात चुपके से घर मेरे आया,  छीकें से जुलमी माखन चुराया,  हाथ पकड़ी तो, बैरी अकड़ गयो रे ।।१।। गुस्से से मोहन को मैंने माँ डाटा,  घर में […]

Krishna Ji, Shyam

Mere Shyam Meri Bigadi Banana

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-परदेशियों से ना आँखिया…)  मेरे श्याम मेरी बिगड़ी बनाना,  नैया भंवर में है पार लगाना ।। टेर।। जिसने तुम्हारा नाम पुकारा,  उसको दिया था तुमने सहारा,  मुझ निर्बल की भी लाज बचाना ।।१।। इक पथ मोह है, इक पथ माया,  जाऊँ किधर मैं राह न पाया,  तुमही आकर मुझे राह

Krishna Ji, Shyam

Jalwa Hai Baba Shyam Ka

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-एहसान मेरे दिल पे…..) जलवा है बाबा श्याम का मस्ताना दोस्तो,  मिलकर बड़े हजुर को बहलाना दोस्तों ।। टेर ।। अर्जी करी जो श्याम से मंजूर हो गई,  *मिलने की घड़ी श्याम से नजदीक हो गई, देना है अपने प्यार का नजराना दोस्तों ।। मिलकर…।। नाना रकम के फूलों से

Krishna Ji, Shyam

Sawra Seth Mera,mujhe Har Pal Sambhale

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-थोड़ा सा प्यार हुआ है…) सांवरा सेठ मेरा, मुझे हर पल सम्भाले,  मेरा परिवार सारा, सदा इसके हवाले ।। टेर।। मेरे सुख दुख का साथी, मेरा ये हमसफर है मेरे घर रूखाली, करे आठों प्रहर है,  मेरे संकट ये हरता, मेरी बाधाएँ टाले ।।१।। ये जीवन डोर सौंपी, मैंने हाथो

Krishna Ji, Shyam

Jara Itna Batade Kanha

।। श्री श्याम वन्दना ।।  जरा इतना बतादे कान्हा, तेरा रंग काला क्यूँ,  तू काला होकर भी, जग से निराला क्यूँ ।। टेर ।। मैंने काली रात में, जन्म लिया, और काली गाय, का दुध पिया, वो ! रात अँधेरी काली, इसीलिये काला हूँ ।।१।। सावन में बिजली, कड़कती है,  और बादल, खूब बरसते है,

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Aavo Vinayak Mhare Angniye

।। श्री गणेश वन्दना ।। (तर्ज-अपने पिया की मैं तो बनी…) आवो विनायक म्हारै आंगणियै में आवो, रिद्ध-सिद्ध थारै सागै ल्यावो जी, म्हारै आंगणियै में आवो, आवो विनायक…. खाटू हालै श्यामजी को, कीर्त्तन म्है करावाँ,  कीर्त्तन मांहि पहल्यां-पहली, थानै ही मनावाँ,  मूसे सवार होकर, बेगा आवोजी, म्हारै आंगणियै… दुन्द-दुन्दाला सुण्ड-सुण्डाला, लम्बोदर कहलावो,  विघ्न विनाशक, मंगल

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Ganpat Ne Pratham Manawa

।। श्री गणेश वन्दना ।। (तर्ज-खाटू को श्याम रंगीलो रे…) गणपत न प्रथम मनावां जी, गणपत न ।।टेर।। रिद्वि सिद्धि लेकर आवो जी गजानन्द, आवो जी गजानन्द बैठो जी गजानन्द, चरमां में धौक लगावां जी गणपत न ।।१।। अन्न धन स भरद्द्यो भण्डारो, भरो भण्डारो देवां भरो भण्डारो, मन स ध्यान लगावां जी, गणपत न

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Mhara Pyara Re Gajanan Aaijyo

।। श्री गणेश वन्दना ।। दोहा-सदा भवानी दाहिनी, सन्मुख रहे गणेश ।  पाँच देव रक्षा करे, ब्रह्मा, विष्णु महेश ।। म्हारा प्यारा रे गजानन आईज्यो,  रिद्धि सिद्धि न सागे ल्याईजो जी ।। म्हारा प्यारा ।। थाने सबसे पहला मनावाँ, लडुवन को भोग लगावाँ,  थे मूसे चढ़कर आईज्यो जी ।। म्हारा प्यारा ।। पार्वती का प्यारा,

Krishna Ji, Shyam

Shyam Teri Bansi Pukare Radha Nam

श्याम तेरी बंशी श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा. नाम  लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम-२  साँवरे की बंशी को बजने से काम  राधा का भी श्याम, वो तो मीरा का भी श्याम  जमुना की लहरें बंशी वट की छईया  किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया   श्याम का दीवाना तो सारा ब्रजधाम।  लोग करे—  कौन

Krishna Ji, Shyam

Bas Ki Basuriya Pe Ghano Itrave

बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे, कोई सोना की जो होती, हीरा मोत्यां की जो होती, बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे, कोई सोना की जो होती, हीरा मोत्यां की जो होती, जाणे कांई करतो, कांई करतो, बाँस की बाँसुरिया पे….. जेल में जनम लेके घणो इतरावे, कोई महलां में जो होतो, कोई अंगना में

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