Author name: Sunita Dugar

Vidayi Geet

Vidayi Geet (Chod Hame Jaye Samani Ji)

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. लय – माइनी माई मुंडेर पे तेरी छोड़ हमें जाये समणी जी-2, कैसा कैसा लगता।   नाम विदाई का सुन सुन कर मन भर भर के आता ।। जाते क्यों बोलो? जाते क्यों बोलो? ① […]

Bhikshu Swami

Swamiji Thari Sadhna Ri Meru Si Unchayi

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लयः मारूजी ! थांरै देश में ……) स्वामीजी ! थांरी साधना री स्वामीजी! थांरी साधना री मेरू-सी ऊंचाई । मेरू-सी ऊंचाई, है सागर-सी गहराई हो ।। १. सिंह-सपन स्यूं आया

Bhikshu Swami

Ghana Suhao Mata Dipaji Ra Jaya

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. घणा सुहावो माता घणां सुहावो माता दीपांजी रा जाया ! थांनै तो ध्यावै सारो राजस्थान हो, सारो हिन्दुस्तान हो, मानवता रा मान हो, जिन-शासन री शान हो, माता दीपांजी रा

Bhikshu Swami

Shree Bhikshu Swami Ro Prabal Pratap Hai

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लयः आने वाले कल की तुम ) रचयिता : युवाचार्यश्री महाश्रमणजी भिक्षु-स्मरण श्री भिक्षु स्वामी रो परम प्रताप है।  श्रद्धा-विधियुत नाम समरतां, मिटै बहुल संताप है।। १. मिलै नहीं जद

Bhikshu Swami

Prabhu Ye Terapanth Mahan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. प्रभो ! यह तेरापंथ महान प्रभो ! यह तेरापंथ महान । मिला, मिलेगा जिससे सबको आध्यात्मिक अवदान । प्रभो! यह तेरापंथ महान ।। १. आर्हत-वाङ्मय का उद्‌गाता,  जीवन-दर्शन का व्याख्याता,

Bhikshu Swami

Vandana Lo Jhelo Bhakta Ri Bhagwan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. वन्दना लो झेलो वन्दना लो झेलो, भक्तां री भगवान ! अर्चना लो झेलो, भक्तां री भगवान ! धूप-दीप चंदन नहीं है, है श्रद्धा सम्मान ।।  मन-मन्दिर रा देवता! म्हारा प्रियतम

Bhikshu Swami

Devte Batlaao

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लय: आपणै भागां री) रचयिता : आचार्यश्री महाप्रज्ञ  देवते ! बतलाओ  देवते ! बतलाओ शासन का आधार,  भिक्षुवर ! कैसे तुम बन पाए अवतार,  रोम रोम में रम रहे हो,

Bhikshu Swami

Swami Bhikhanji Ro Nam Aathu Yam Dhyawa

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लयः म्हरि आंगणिये में……) आचार्य श्री तुलसी  स्वामी भीखणजी रो नाम स्वामी भीखणजी से नाम आठू याम ध्यावा, बाबलियै रो उपकार किंयां भूल ज्या वा।  सांवरियो म्हांरै रूं  रू रम्यो

Bhikshu Swami

Siriyari Ro Sant

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु स्तुति  (रचयिता: आचार्यश्री तुलसी) सिरियारी से संत (लय: म्हानै गंगाजी रो पाणी) तेरापंथ रो भाग्य विधाता, श्रमण संघ रो सक्षम त्राता, लाखां आंखड्ल्यां रो तारो, हार हिया रो लागे

Bhikshu Swami

Bhikshu Hai Imarat Ro Jharno

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु है इमरत रो झरणो   (लय : धर्म की लौ जलाएं) रचयिता : साध्वी फूलकुमारीजी भिक्षु है इमरत रो झरणो ।  जनम मरण री पीर निवारण, है साचो शरणो ।।

Scroll to Top