Author name: Sunita Dugar

Bhikshu Swami

Subah Subah Uth Kar Bhikshu Bhikshu Bol Tu

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु स्तुति (रचयिता : मुनि सुमतिकुमारजी)  (लय- बादलियो आंखडल्या में) सुबह-सुबह उठकर भिक्षु-भिक्षु बोल तूं, संकट सब कट जावैला, ओ सुजना ।। विघ्न हरण ओ मंगलकारी नाम है, दुःख में […]

Bhikshu Swami

Munind Mora

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. मुणिन्द मोरा श्रीमज्जयाचार्य  मुणिन्द मोरा, भिक्षु ने भारीमाल, वीर गोयम-सी जोड़ी रे, स्वामी मोरा । अति भली रे, मोरा स्वाम ।। मुणिन्द मोरा, चोथा आरा नी चाल, विविध मर्यादा बांधी

Bhikshu Swami

Rat Ri Andheri Me Jo Jap Karela

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. – सांवरिये रो नाम.  (लय: इक परदेसी.) रात री अन्धेरी में जो जाप करैला । सांवरिये रो नाम लियां काम सरैला ।। १. साचै मन स्यूं नाम लियां, जोश घणो

Bhikshu Swami

Babe Ro Nam Bado Hai Pyaro

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. बाबै रो नाम बड़ो.   (लयः बन्ना ओ बागां में झूला) रचयिता : मुनि विजय  भिक्षु स्तुति  बाबै रो, नाम बड़ो है प्यारो ओ ।  म्हारी आंख्यां रो, तारो जीवन रो

Bhikshu Swami

Om Bhikshu Bhikshu Nit Dhyawa

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु स्तुति (लय- संयम मय जीवन हो) रचयिता -साध्वी श्री रतनश्रीजी  ॐ भिक्षु भिक्षु नित ध्यावां ॐ भिक्षु भिक्षु नित ध्यावां । भिक्षु की म्हे अलख जगाकर आनन्दित बण ज्यावां

Bhikshu Swami

Bhikshu Swam Jyotirdham

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु स्वाम ज्योतिर्धाम  (लयः जय हनुमान अति बलवान) रचयिता- साध्वी कनक श्रीजी भिक्षु स्वाम, ज्योतिर्धाम पावन नाम, दीपानंदन !  म्हारै तो थांरो ही आसरो, हे सब दुःख भंजन !  म्हारै

Bhikshu Swami

Bhikshu Bhikshu Hi &. Swami Ji Tharo Sangh Nirlo

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु भिक्षु ही जबां पर (लयः दिल के अरमां ……..) रचयिता : साध्वी चाँद कुमारी जी भिक्षु भिक्षु ही जबां पर नाम है।  तेरे नाम से मिलता बड़ा आराम है

Bhikshu Swami

Bhikshu Ki Abhivandana Hu Kar Rahe

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु की अभिवन्दना  (लय- दिल के अरमां) साध्वी -जयश्री जी भिक्षु की अभिवन्दना हम कर रहे  स्मरण से मन में खुशाली भर रहे।। १. आ गये वे विश्व की तकदीर

Bhikshu Swami

Om Bhikshu Jai Bhikshu

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लयः पायलिया) रचयिता : साध्वी यशोधराजी ॐ भिक्षु जय भिक्षु ॐ भिक्षु जय भिक्ष, मंत्र बड़ा ही सुखकार रे तन्मय हो जपने से, होगा निश्चित ही बेड़ा पार रे, सांवरिया

Bhikshu Swami

Bhikshu Ashtakam

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. भिक्षु अष्टकम् आचार्य भिक्षु के १८८ वें निर्वाणोत्सव पर सिरियारी में आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा समुच्चारित १. अकम्पः संकल्पः क्वचिदपि न केनापि चलितः , न चित्ते चांचल्यं न च विपथगामीन्द्रियगणः

Scroll to Top