Solah Sati Stawan,Adinath Adi Jinvar Bandi
सोलह सती स्तवन लय: प्रभाती : मुनि उदयरतनजी आदिनाथ आदि जिनवर बंदी, सफल मनोरथ कीजिये ए। प्रभाते उठी मांगलिक कामे, सोलह सतीनो नाम लीजिए ए।। 1. बाल कुमारी जग हितकारी, ब्राह्मी भरत नीं बेनडी ए। घट-घट व्यापक अक्षर रूपे, सोलह सती मांही जे बड़ी ए।। 2. बाहुबल भगिनी सती सिरोमणी, सुन्दरी नामे ऋषभ सुता ए। […]