Author name: Sunita Dugar

Jain Bhajan

Solah Sati Stawan,Adinath Adi Jinvar Bandi

सोलह सती स्तवन लय: प्रभाती  : मुनि उदयरतनजी आदिनाथ आदि जिनवर बंदी, सफल मनोरथ कीजिये ए। प्रभाते उठी मांगलिक कामे, सोलह सतीनो नाम लीजिए ए।। 1. बाल कुमारी जग हितकारी, ब्राह्मी भरत नीं बेनडी ए। घट-घट व्यापक अक्षर रूपे, सोलह सती मांही जे बड़ी ए।। 2. बाहुबल भगिनी सती सिरोमणी, सुन्दरी नामे ऋषभ सुता ए। […]

Bhachya, Tapsya

Jambu Kahyo Man Le

जम्बूकुमार की सज्झाय जम्बू ! कह्यो मान लै जाया, मत ले संजम भार ।  राजगृही नं वासिया जी, जम्बू नाम कुंवार ।  ऋषभदत्त रा डीकरा जी, भद्रा ज्यांरी माय ।।  जम्बू कह्यो…  सुधर्मा स्वामी पधारिया जी, राजगृही रे मांय ।  कोणक बांदण चालियो जी, जम्बू बांदण जाय ।। भगवन्त वाणी बागरी जी, बरसै इमरत धार

Bhachya

Kathe Su Aayo Bhikshu

कठै स्यूं आयो भिक्षु कठै स्यूं आयो भिक्षु, कठस्यूं आयो कालू । कठै स्यूं आयो हो, सन्तां तुलसी प्रभु ।। कांठा स्यूं आयो भिक्षु, छापर स्यूं आयो कालू । चन्देरी स्यूं आयो हो, भक्तां तुलसी प्रभु ।।१।। किणरै जायो भिक्षु, और किणरै जायो कालू । ओ किणरै जायो हो, सन्तां तुलसी प्रभु ।।२।। दीपां रै

Adinath

Pranamu Pratham Jinand Ne (chobisi, jayachary) Choubisi, chaubisi

आदिनाथ स्तवन प्रणमूं प्रथम जिनन्द नैं जय जय जिन चंदा १. वन्दू बेकर जोड़ नैं, जुग-आदि जिनिन्दा।  कर्म-रिपु-गज ऊपरै, मृगराज मुनिन्दा ।। २. अनुकूल प्रतिकूल सम सही, तप विविध तपंदा।  चेतन तन भिन लेखवी, ध्यान शुकल ध्यावंदा ।। ३. पुद्गल-सुख अरि पेखिया, दुख-हेतु भयाला।  विरक्त चित विघट्यो इसो, जाण्या प्रत्यक्ष जाला।। ४. संवेग- सरवर झूलता,

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Mere Kirtan Me Rang Basrao

गणेश जी प्यारा भजन मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ…..  ब्रह्मा तुम भी पधारो, विष्णु तुम भी पधारो, भोले शंकर को साथ ले आओ, आओ जी गजानन आओ,  मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ.. लक्ष्मी तुम भी पधारो, गौरा तुम भी पधारो,  सरस्वती को साथ ले आओ आओ जी

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare

गणेश भजन मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे  भोले बाबा जी की आँखों के तारे  प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना ॥  मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥ तेरी काया कंचन कंचन, किरणों का है जिसमे बसेरा। तेरी सूंड सुंडाली मूरत, तेरी आँखों में खुशियों का डेरा। तेरी महिमा अपरम्पार, तुझको पूजे ये संसार

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Gajanan Hamse Na Bole

गणेश भजन  (लय- सुनो जी तरकारी री बाता) मन्दिर के आस पास डोलें गजानन हमसे न बोलें ब्रम्हा से बोलें विष्णु से बोलें लक्ष्मी की गोद में खेलें गजानन हमसे न बोलें राम जी से बोलें लक्ष्मण से बोलें सीता की गोद में खेलें गजानन हमसे न बोलें सरस्वती से बोलें गौरा से बोलें भोले

Bhachya, Tapsya

Koyaldi Ku Hu Kuhu Moriya Ji Bole (Chobisi)

चौबीसी  कोयलड़ी बोले कुहु — मोरिया जी बोले-2 उगते सूरज न करू वंदन महावीर जी,  म्हान भव भव सू तारो  पहला ऋषभ नाथ जिणजी ने बांदू  दूजा अजितनाथ देव ओ ,महावीर जी  म्हान, भव-२ सू तारो तीसरा संभवनाथ जिणजी ने बादूं चौथा अभिनंदन देव ओ महावीर जी म्हान, भव-२ सू तारो पाँचवा सुमति नाथ जिणजी

Mataji

Pathar Ki Murat Bol Uthi

(लय- म्हारा हरिया वन रा सुवटिया) पत्थर की मूरत बोल उठी क्या मुझे मनाने आया है तेरे घर में जननी तरस रही क्या तुझे तरस नहीं आया है  पत्थर की मूरत बोल उठी क्या मुझे मनाने आया है घर में तेरी मैया भूखी है क्या उनसे भोजन पूछी है  मुझे भोग लगाने को बेटा तू

Mataji

Maiya Teri Mahima Hai Nirali

 (लय-बनो तेरी अंखिया है हजारी) मैया तेरी महिमा है निराली-2  मैया मेरी ऊंचे पर्वत वाली-2  तभी वो कहलाती पहाड़ा वाली-2 मैया तेरी  तेरी जोत जले दिन राती -2.   तभी तो कहलाती जोतावाली मैया तेरी महिमा मैया तेरे काले-2 केश,  तभी तो कहलाती लाटावाली  मैया मेरी सबपे महर जो करतो,  तभी तो कहलाती महरा वाली मैया

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