Swamiji Aao Dekh Lyo
( लयः सारंगा तेरी याद में) रचयिता : मुनि मधुकरजी स्वामीजी ! आवो देखल्यो स्वामीजी! आवो देखल्यो, नैणां में तसवीर । तरस रह्या म्है दरस बिना, मछल्यां ज्यूं बिन नीर ।। १. पल-पल जोवै बावरी, पलकां थांरी बाट, मिलणो चावै मोद स्यूं, बंधन सारा काट । दिखलाद्यो प्रभु वेग स्यूं, अपणो रूप विराट ।। २. […]