Author name: Sunita Dugar

Mahavir Swami

Kabse Kare Pukar

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. तर्ज:- (सर पै टोपी लाल) कब से करें पुकार, वीर महावीर तुम्हारे द्वार,  हो जरा सुन लेना । महिमा सुनी अपार,  कि तुम हो भक्तों के रखवार, हो जरा सुन […]

Mahavir Swami

Prabhu Hame Bhav Bhav Ke Bandhan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. तर्ज :- (भैया मेरे छोटी बहन को न भुलाना) प्रभु हमें भव भव के बन्धन से छुड़ाना, तेरे सिवा किसको सुनायें ये फसाना । क्षत्रिय कुण्ड हुआ जन्म तुम्हारा,  त्रिशला

Mahavir Swami

He Trishala Nandan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. तर्ज :- (दिल लूटने वाले जादूगर) हे त्रिशला नन्दन भव दुःख भंजन, वीर नाम ही प्यारा है,  हम दुःखियारों को तेरे ही, चरणों का एक सहारा है । ये छोटा

Mahavir Swami

Meri Kumati Niwaro Re

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. तर्ज :- (मैं तो आरती उतारु रे) मेरी कुमति निवारो रे, प्रभु मेरी विनती सुनो.  जय जय महावीर प्रभु, जय जय वीर । मैं तो वन्दन करू बार बार, प्रभु

Mahavir Swami

Viram Gun Gambhiram

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. तर्ज :- (बच्चे मन के सच्चे ) अस्थाई वीरम् गुण गम्भीरम्, माता त्रिशला के प्यारे, परमानन्द जिनन्द, हो तुम जिन शासन के उजियारे । अन्तरा दीनदयालु जगदीश्वर, हे करुणामय हे

Paras Prabhu

Tuti Footi Naiya Tu Hi Khevaiya

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. (तर्ज: जादुगर सैंया छोड़ मोरी बैंया ) टूटी फूटी नैया. तूं ही खेवैया.  हे प्रभु पार्श्वनाथ. अब भव पार करो । बचपन में प्रभु अद्भुत ज्ञानी जलते नाग निकारे,  महामंत्र नवकार सुनाकर उनको जग

Paras Prabhu

Shree Parshv Nath Bhagwan

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. तर्ज:- (तेरे द्वार खड़ा भगवान) श्री पाश्वनाथ भगवान अरज सुन लेना मेरी,  मेरे पूरे करो अरमान कि निश दिन धरु तुम्हारा ध्यान । जीवन को राहों पे चल रहा, मैं राही अलबेला,  कभी सुखों

Paras Prabhu

Shree Parshv Prabhu Chintamani

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. तर्ज : (जरा सामने तो आओ छलिये ) श्री पार्श्व प्रभु चिन्तामणी, दीन बन्धु तँ ही दीना नाथ है. भव-भव के तो बन्धन काट दो, तेरे शरणे पड़े हम अनाथ हैं। जलते नाग नागिन

Paras Prabhu

He Paras Chintamani

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. तर्ज:- (सारंगा तेरी याद में) है पारस चिन्तामणि, अर्ज करें तुम से प्रभु,  चिन्ता चूरण हार, भव से पार उतार । जीवन में दुःखड़े मिले, हमको बारम्बार,  आशाओं की वीण के, टूट चुके हैं

Paras Prabhu

Dwar Tere Darshan KO Aaye

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. तर्ज :- (बार बार तुझे क्या समझाये) द्वार तेरे दर्शन को आये दिल में ले अरमान  सद्बुद्धि दो, पार्श्वनाथ भगवान २ मतलब का संसार हार खाये यहाँ,  छोड़ तेरा दरबार कहो जायें कहाँ  एक

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