यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.
तर्ज :- (मैं तो आरती उतारु रे)
मेरी कुमति निवारो रे, प्रभु मेरी विनती सुनो.
जय जय महावीर प्रभु, जय जय वीर ।
मैं तो वन्दन करू बार बार, प्रभु तेरे चरणन में २,
करू पूजा अष्ट प्रकार, प्रभु तेरे चरणन में २,
मिल जाये शरण इकबार, प्रभु तेरे चरणन में २,
मेरी श्रद्धा के, सुमन स्वीकार, प्रभु तेरे चरणन में २, मुझको दीन हीन जान, कर दया दया-निधान, पार उतारो रे, ओ स्वामी भव पार उतारो रे ॥ १ ॥
है छाया हुवा अन्धकार, प्रभु मेरे जीवन में २,
यहाँ दुखड़े है बेसुमार, प्रभु मेरे अब तू ही है आधार,
प्रभु मेरे हो भक्तिका, विस्तार, प्रभु मेरे जीवन में २, जीवन में २, जीवन में २,
“वीर मण्डल” की पुकार, सुनलो प्रभु एक बार,
नजर निहारी रे, हो प्रभु इक नजर निहारो रे ॥ २॥