Author name: Sunita Dugar

Bana Bani

Aayo Bana Samay Suhana

(तर्ज :- इचकदाना बिचकदाना …..) • आयो बना समय सुहाना अलबेला मस्ताना … आयो बना  पहली पहली बार तोरण पे आना,  तोरण पे आना बना चिडिया उडाना  चिडिया उडाना मंडप ये आना भूल न जाना  आयो बना पहली पहली बार बना मंडप ये आना,  मंडप में आना बना हार भी लाना  हार लाना बनी को […]

Bana Bani

Umrav Bana Boli Pyari Lag Ji

बना-बनी  उमराव थारी बोली प्यारी लाग जी बना  सिरदार थारी बोली प्यारी लाग जी बना  उमराव जी ओ बनड़ा, सिरदार जी ओ बनड़ा ।  शीश किलगीं पागड़ी रत्न जड़ीत सिर पेच – २  काना में मोती सोव मन मोहन थांरो वेश – २  बालकिया थारी चितवन प्यारी लाग जी बना । उमराव थारी मूलकन प्यारी

Bana Bani

Banasa Ro Palyo Posyo Bandro

बनासा रो पाल्यो पोस्यो बान्दरो वो महलां चढ़ग्यो  बनासा तो पूछ ए बनी लाड़ली थारो कांई कांई लेग्यो टीको लेग्यो, रखड़ी लेग्यो, जांबतो म्हारो हथफूल लेग्यो थांन जगाया इतरी देर में म्हारी पायल लेग्यो,  बनासा रो बनासा तो पूछ ए बनी लाड़ली थारो काई काई लेग्यो  काजल लेग्यो, टीकी लेग्यो, जांवतो म्हारो पाउडर लेग्यो थांन

Bana Bani

Dil Lootne Wale Nawal Bana

(तर्ज : दिल लूटने वाले जादुगर …) दिल लूटने वाले नवल बना, अब मैने तुझे पहचान लिया मैं ऐसी मछली बन जाऊंगी पानी मैं जाकर छीप जाऊंगी मैं ऐसा मछेरा बन जाऊंगा तुझे जाल बिछाकर ले आऊंगा, दिल लूटने वाले…..  मैं ऐसी चिड़ीया बन जाऊंगी, पत्तों मे जाकर छीप जाऊंगी  मैं ऐसा शिकारी बन जाऊंगा,

Bana Bani

Bana Bani Geet -5

1 (तर्ज : रघुपती राघव राजा राम …) रघुपती राघव राजा राम, एसा बन्ना दो भगवान २ रोज सुबह वो चाय बनाये, खुद पीवे और मुझे पिलावे  और कहे पिवो पिवो मेरी जान एसा बन्ना  रोज दोपहर को खाना बनाये, खुद खाये और मुझे खिलाये और कहे खावो – खावो मेरी जान, एसा बन्ना रोज

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Barsyo Mhara Kala Badal

बरसो म्हारा काला बादल बरसो, सवाया जी  बरसो( पिता पुत्र का नाम )आ बेल्या थारी जी  खोलो कड़ीया को फेंटो रालो रुपैया जी  थांरा रुपैया म्हारो थाल भरीज जी थाल भरीज म्हारो बनड़ो परणीज जी  बनड़ो परणीज म्हारो मनड़ो हुलसीज जी  बरसो म्हारा गुदल्या बादल बरसो सवाया जी  पीहर वालों का इसी तरह नाम लेना)

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Matha Ne Memad Lyao

*** माथा न मैमद ल्यावो म्हारा राज, रखड़ी घड़ाव म्हारा बीरोजी ।  छानी र ए चूपकी र ए घरकी नार, थारा बीरा जीन जाणा छां ।  जाणा छां रे पीछाणा छां र, परण्या जद रा जाणा छां । म्हारी बीरो म्हारो बीरो करती जाय, घर को माल लुटाती जाय । तीजोरया सरकाती जाय, नाम बीराजी

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

No Lakh Tara Jadi Chunadi

नौ लख तारा जड़ी चूनड़ी झूमती, कोड घणेरो बाई पेर्या पेऱ्यां घूमसी – २  जयपुर शहर स्यूं बिराजी चूनड़ी मंगाई, भावज बैठर सीतारा जड़ाई – २ मायड़ हरख, दुनिया बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई … समन्दपार स्यूं बिराजी मोती मंगाया, भावज बैठर गजरा पुवाया – २ बाबुल हरख, सब कोई बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Beera Mahero

बीरा :- बीरा माहेरो भरण ने बेगो आय भाणजी रो ब्याह रच्यो । माथे में म्हारे टीका ल्याजो रखडी रतन जडाय महारी नथली में हीरा जडाय भाणजी रो व्याह रच्यो । काना में बीरा झुमका ल्याजो रतन जडाय  म्हारे कुण्डल में हीरा जडाय भाण्जी रो ब्याह रच्यो ।॥ गले में म्हारे नेकलस ल्याजो  दुलडी उथल

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Do Hanso Ki Motar Darwaje Khadi Re

दो हंसों की मोटर दरवाजे खड़ी रे, आज मेरा भैया माहेरा लाया रे, टीका भी लाया भैया, रखड़ी भी लाया, कुण्डल की जोड़ी भैया संग लाया रे, आज मेरा भैया माहेरा लाया रे । दो हंसो—- लॉकेट भी लाया भैया दुलड़ी भी लाया, तिलहरी की जोड़ी भैया संग लाया रे, आज मेरा गजरा भी लाया

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