Bhikshu Swami

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Bhikshu Chalisa &Aarti

।। जय भिक्षु गुरुभ्योनमः ।। श्री भिक्षु चालीसा ।। दोहा।। भिक्षु भिक्षु गणपाल की, महिमा है सर्वत्र।  तेरापंथ समाज के, ज्योतिर्मय नक्षत्र।।।।।  उनकी करूणा दृष्टि से, निश्चित बेड़ा पार।  “मुनि कन्हैया” नित रटो, भिक्षु नाम अविकार । ।2।। ।। चौपाई।। जय जय जय हे भिक्षु स्वामी। महावीर पथ के अनुगामी ।।। सतरह सौ तिरयाँसी आया। […]

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Bhikshu Mhare Praktya Ji Bharat Chetra Me

भिक्षु म्हारै प्रगट्या जी भिक्षु म्हारै प्रगट्या जी भरत खेतर में। ज्यांरो ध्यान धरूं अंतर में।। 1. देश-देश नां लोक आपनों, समरण कर रह्या उर में।। 2. आप तणी बुध नहीं परशंसा, बहु लोक करै पुर-पुर में।। ३. मंत्राक्षर-सम नाम तुम्हारो, विघ्न मिटै घर-घर में।। 4. जबर उद्योत कियो जशधारी, एह पंचमें अर में।। 5.

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Bhikshu Smaran

भिक्षु स्मरण (लय- चेतन ले ले शरणा चार) जपल्यो भिक्षु भिक्षु नाम, मुख में राखो आठू याम । थारा सर ज्यासी सै काम, नैया पार करसी हो हो बाबो, नैया पार करसी ।। भिक्षु है हिवड़े रा हार, म्हारें जीवन रा आधार । ज्योतित जिण स्यूं ओ संसार, सुरतरु घर में फलसी ।।1।। भिक्षु नाम

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Shasan Ra O Swami

( लय- बाईसा  रा बीरा)  शासन रा स्वामी , ओ अंत्तरयामी  चरणा में थारे करा म्हे वन्दना  ओ शिव पथ गामी दीपा सुतनामी श्रद्धा भरी म्हारी स्वीकारो अर्चना,  थे देख शिथिलत्ता धर्म धरातल में उपचार करू इणरो धारी यूं मन में    निज गुरु स्यू रिश्तों तोड  दियो पल में  तूफान विरोधा रो उमडयो  हो भारी 

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Tum Hi Ho Bhikshu Karuna Ke Aalay

(लय- तुम ही मेरे मन्दिर तुम ही मेरी पूजा) तुमही हो भिक्षु करुणा के आलय तुम्ही प्राण मेरे -2 तुमही हो भिक्षु  ज्योति तुम्ही हो जीवन की अक्षय तुम्ही प्राण मेरे ① तुमको ही यमै भगवान मानू तुमको ही जीवन प्राणदेव मानू तेरे चरण में रहू नित्य तन्मय ध्यान तुम्हारा प्रातः मै ध्याऊं जिधर भी

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Ru Ru Me Sanvriyo Basgyo

(लय- बादलियो आंखडल्या में बरस्यो) रूंरूं में साँवरियों बसियो सांवरियो बसियो  चंद चकोर निहारेला ओ  संता  गुरु चरणा रो, बणग्यो रसियो ,बणग्यो रसियो  मांझी पार उत्तारेला ओ संता ① आप पिता पुत्र मै हूं ओ तो व्यवहार है  आखिर आपा दोन्या नै ही, गुरु रो आधार है   गुरु ही कारज सारेला, ओ भंते ②

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Ikshu Ras Ke Jaisa Bhikshu Nam Tera

इक्षु रस के जैसा भिक्षु नाम तेरा ।  केलवा के योगी लो प्रणाम मेरा ॥  तू प्रखर दिवाकर मै सघन अंधेरा बल्लुशा के लाडले, दीप दीपा मात के  केलवा के केवली धनी अपनी बात के  स्वर्ग छोड़ मेरे मन में कर बसेरा,  तेरापंथ स्वामी तब सुखो का मूल है।    तेरापंथ में कही शूल है

Bhikshu Swami

Kantaliya Gaya Hai Kya

 कंटालिया गया है क्या? सिरीयारी गया है क्या,  हो मितवा रे  कुछ भीनही पता रे ,मितवा कुछ भी नही पता,  ऊं भिक्षु जय भिक्षु ओ मितवा रे जपले यही सदा ( ) हो मितवा होगा तेरा भला ① क्या कभी तूने देखी अपने बाबा  की सूरत हो हो हो– हाँ अभी मैने देखी अपने बाबा

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Teras Ri Hai Rat

तेरस की है रात, बाबा आज थाने आणो है-2  ओ कोल निभाणो है, तेरस री है रात बल्लू कुल रो लाल-2 माता दीपारो दुलारोहै- हो हार हिया रो हैं, तेरस री है रात घर-2 थे भटक्या हाँ, जग्या नहीं मिली शमशान में वास कियो – २ अंधेरी ओरी में चांदणियो कर दिन्यो यक्ष नै मात

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Bhikshu Naam Hai Kitna Pyara

भिक्षु नाम है कितना प्यारा (लय – तेरा साथ है कितना प्यारा) भिक्षु नाम है कितना प्यारा भिक्षु नाम है कितना प्यारा,  जन-2 की आँखो का तारा  शासन का उजियारा  मै लेता  रहूंगा तेरे नाम का सहारा  जैन धर्म की शान हो ,तेरापन्थ कीआन – 2 महाप्रभावक नाम है ,सुमिरत तरन जहान – 2  कितनी

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