Dance

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Biro Banjaaro Re

मोरू भाई पांवणा / राजस्थानी आया आया रेमोरू भाई पांवणा कांई आगे धोरा वाळो देशबीरो बणजारो रेकांई आया म्‍हारा देवर जेठबीरो बणजारो रे सासू रांध्‍या रे मोरू भाई बांकळाम्‍हारी नणद बिलोवे खाटी छाछबीरो बणजारो रे मंगरिया उंछाळू रेमोरू भाई बांकळानदिया में लिमोऊं खाटी छाछबीरो बणजारो रे माथा धोऊं रेमोरू भाई मेट सू कोई घालु चमेली […]

Dance, Deshbhakti, Marwari Lokgeet

Jay Jay Rajsthan

  जय जय राजस्थान / राजस्थानी गोरे धोरां री धरती रोपिचरंग पाणा री धरती रो , पीतल पातल री धरती रो, मीरा करमा री धरती रोकितरो कितरो रे करां म्हें बखाण, कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान …धर कुंचा भई धर मंजलांधर कुंचा भई धर मंजलांधर मंजलां भई धर मंजलांकोटा बूंदी भलो भरतपुर अलवर

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Jija Tu Kala Mai Gouri Ghani

जीजा तू काला मैं गौरी घणी,-२फोटू खिंचवाना दो नु जणी-२ जीजा — जीजा तू मोटा मैं पतली घणी,-२तकड़ी  तुल जावा दोनु जणा-२ओहो—- जीजा जी जीजाजी महारा जीजाजी, जीजा तू लाम्बा में ठिगणी घणी-२सीढी चढ़ जावा दोनु जणा -२ जीजा तू बादल मैं बिजली -२बारिश बण जावा दोनु जणा -२———

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Jal Jamna Ro Pani

 जल जमना रो पाणी  जल जमना रो पाणी कइया ल्याउ ओ रसिया  पतली लुल लुल जाय -२  छोटोड़ी नणद म्हारी पानी कोनी लावे ‘बा घरा बैठी हुकुम चलावे ओ  रसिया , पतली कमर —— सर पर घड़लो ,घड़े पर मटकी ,मटकी ऊपर कलशो कोणी चाले ओ रसिया  पतली कमर म्हारी ——- ऊँची ऊँची पाल घडो

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Devriyo Mharo Reejh Rahyo Parnariya

देवरियों म्हारो रीझ रहयो परनारियां-४ सैलानी रीझ रहयो परनारियां- अम्बर में दिवलों जगे जी कोई बिन बाती बिन तेल -२ चारु कूटां चानणो जी कोई यो कुदरत रो खेल -२ देवरियों महारौ—– चार कूंट को न्यातणो जी कोई बांधया मूंग मरोड़ -२ पाडोसी को डावडो जी कोई रहग्यो मूंछ मरोड़ -२ देवरियो महारो– तेरी कोटड़ी मेंरो

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Kore Kajal Ri Kor Ban Jao

कोर काजल रि-२ कौर् बण जाओ ,मैं नैणा रमाय राखूली-२ थे तो मोतिया  रो हार बण जाओ मैं हिवडे लगाए राखुली कोर काजल री कोर —-+ प्रीत रंग री ओढ चुनरी-२ पिया मिलन ने  जाऊं-२ चुड लो खनके,  बिंदिया चमके ,साजन क मन भावु, थे नथली रा मोती हो नैना री ज्योति,-२ थेतो हीरा नगीना

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Aalija Thari Bhangadli

“आलीजा थारी भांगडली” ज्याओ हो परदेश् थे सुणल्यो म्हारी बात, सौतण र मेहला म मना लिया ना रात, जैपुर जाओ तो महार तानी रखड़ी भी ल्याजो जी, कोई सौतण र घरा मत ना जाज्यो जी आलीजा मत ना जाज्यो जी आलीजा, थारी भांगडली  चढ़ती भांगडली आ तो ओला झोला खाय,  कोईउत्तरती भांगडली, गोडा तोडओआलीजा —

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Jhini Jhini Odhani Mein Baras Gayi Badali

झिणी झिणी ओढ़नी में बरस गई बादली-२ओल्युडी आवे, सांवरिया रे थारी  ओल्युडीआवे, परदेसी रे थारी ओल्युडीआवे, ऊबी जोवे गोरडी जी साजन थारी बाट -२ सूनी सेजा गौरी बिलखें,फागणिये री रात हों होहो—होली आई मतवारी ,थारीसुरतिया प्यारी , जाऊं मैं तोबलिहारी ,थारी ओल्युडीआवे  और सहेलियां पिव सन्ग खेले हैं होली,-२ बिन रंग फीकी लागे तनडे री

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Piyu Piyu Bole Piya Moriyo

पियू पियू बोले पिया मोरियो रे, हा रे पिया बगिया में छाई है बहार   तू बागा में आइज्या रे-२   अंबुआ की डाली बोले कोयली-२   हा रे पिया मीठा मीठा गीत   सुनाय ,मैं बागा में एकेली रे-२   अंबा तो पक्क्या दोय निम्बुआ-२   हा रे पिया रिमझिम पड़े रे फुहार-२   तू बागा में आवज्या रे   आभे में

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Chail Baga M Aijyo Ji,papiyo Bolyo Ji

Chail Baga me aaijyo ji,bhanwar Baga me aayijyo ji ,Baga me firu akeli papiyo bolyo ji-2 Bhayeli kin vidh aawa e,Sunder gouri kin vidh aanwa e mhari parani naar akeli papiyo bolyo ji, Chail thari parni marjyo ji,bhanwar thari parani marajyo ji, mharo najuk jeev ghabrave papiyo bolyo ji Bhayeli the hi marajyo ji ,sundar

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