Satsangat Se Sukh Milta Hai
सतसंगत से सुखमिलता है जीवन का कण-2 खिलता है। सत्संगत से सद्ज्ञान मिले सत्संगत से भगवान मिले पानी से पौधा फलता है ② सतसंगत से वैराग्य बढ़े सतसंगत से सौभाग्य बढ़े दीपक से दीपक जलता है ③ नास्तिक भी आस्तिकता पाता पापी भी पावन बन जाता चाबी से ताला खुलता है। मानव को जैसा संग […]