Bhajiye Nitya Swami Supas A
7 (लय : कृपण दीन अनाथ ए) सुपार्श्वप्रभु स्तवन भजियै नित्य स्वामी सुपास ए। 1. सुपास सातमां जिणंद ए, ज्यांनै सेवै सुर नर बंद ए। सेवक पूरण आश ए, भजिये नित्य स्वामी सुपास ए॥ 2. जन प्रतिबोधण काम ए, प्रभु बागरै वाण अमाम ए। संसार स्यूं हुवै उदास ए, भजिये नित्य स्वामी सुपास ए॥ 3. […]