Form (विधा)

विभिन्न गीत-शैलियों का संग्रह — आरती, भजन, गीत, कबीर वाणी, चौबीसी और अन्य पारंपरिक रूप। Songs organized by traditional forms including Aarti, Bhajan, Geet, Kabir, Chaubisi.

Aarti

Shree Khatu Shyamji Ki Aarti

यह पारंपरिक भक्ति शैली में रचा गया गीत है। A song in traditional devotional form. ।। श्री खाटू श्यामजी की आरती ।। ॐ जय श्रीश्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम परे ।। ।। रतन जडित सिहासन, सिर पर चंवर दुरे। जन केसरिया बागो. कुण्डल श्रवण पड़े।।।। गल पुष्पों की माला, […]

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Suraj Ka Ugna Yad Raha

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. सूरज का उगना याद रहा (तर्ज : दिल लूटने वाले…) रचयिता : साध्वी कनकश्री सूरज का उगना याद रहा, पर दिन का ढलना भूल गये । पलकों में सपने मंजिल के, पांवों से

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Vairagya

Suraj Ki Garmin Se Tapte Hue

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. सूरज तपे तपे रे माटी सूरज तपे तपे रे माटी, दीपक जले जले रे बाती तुझको तपना होगा, तुझको तपना होगा तप ही तो माटी को गागर बनाये गागर में सागर सहज ही

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Tan Dhan Ro

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. तन धन रो ! कांई रै गुमान करे (तर्ज :- दिल करता) रचयिता : साध्वी राजीमती तन धन रो ! कांई है गुमान करै, तन धन रो,  खाली हाथां जावै, करणी रा फल

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Tane Ajab Banayi Bhagwan

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. माटी का तन माटी का माटी का तन माटी का-माटी का तन माटी का,  तने अजब बणायो भगवान, खिलौना माटी का,  तने सुन्दर बणायो भगवान, खिलौना माटी का ।। नैन दिया तने हरि

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Thari Ankhya Me Loi Ro Ufan

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. थांरी आंख्या में लोही रो ऊफाण थांरी आंख्या में लोही रो ऊफाण। छोड़ो क्यूं कोनी क्रोध रो नशो ?  थांरी अक-बक बकणै री पड़गी बाण। दूजां नै काले नाग ज्यूं डसो ॥ ध्रुव

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Thari Kaya Ro Gulabi Rang

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. थारी काया रो गुलाबी रंग (तर्ज : थारी आँख्या में लोही रो). थारी काया रो गुलाबी रंग उड़ जासी, उड़ जासी रे फिको पड़ जासी ।। 1 हस्या-हरया रुँखड़ा उगीया रे बाग में,

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang

Tu Aayo Hai Ekalo Re

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. तू आयो है एकलो (लय : आभै चिमके बिजली) तँ आयो है एकलो रे भाई जासी एका एक। कोई न सागे चालसी – तू करलै जरा विवेक । देख हालत औरां की रे

Adhyatmik, Satsang, Vairagya

Ud Ja Hans Akela

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. Album Name: Udd Ja Hans Akela Singer: Kumar Vishu Music Director: Anil Sharma. एक डाल दो पंछी बैठा, कौन गुरु कौन चेला । गुरु की करनी गुरु भरेगा, गुरु की करनी गुरु भरेगा

Adhyatmik, Satsang, Vairagya

Uth Jag Musafir Bhor Bhayi

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. 1 उठ जाग मुसाफिर उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो सोवत है। जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सो पावत है॥ उठ नींद से अखियां खोल जरा, 

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