Chaubisi

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Kunthu Prabhu Stavan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 17 कुन्थु प्रभु स्तवन प्रभु को समरण कर नीको रे। 1. कुन्थु जिनेश्वर करुणा-सागर, त्रिभूवन सिर टीको रे। प्रभु को समरण कर नीको रे॥ 2. अद्भुत रूप अनूप कुन्थु जिन, […]

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Mahavir Prabhu Stavan 24

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 24 chobisi महावीर प्रभु स्तवन नहीं इसो दूसरो जगवीर,  उपसर्ग सहिवा अडिग जिनवर, सुरगिरि जेम सधीर। 1. चरम जिनेन्द्र चौबीसमा रे, अघ हणवा महावीर। विकट तप वर ध्यान धर प्रभु,

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Malli Prabhu Stavan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. मल्लि जिनेश्वर नाम समर तरण शरण आयो। 1. नील वर्ण मल्लि जिनेश्वर, ध्यान-निर्मल घ्यायो। अल्प काल मांहि प्रभु, परम-ज्ञान पायो । 2. कल्प पुष्पमाल जेम, सुगंध तन सुहायो। सुर-वधू वर

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Muni Svuart Prabhu Stavan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 20 मुनिसुव्रत प्रभु स्तवन प्रभूजी ! आप प्रबल बड़ भागी। त्रिभुवन दीपक सागी रा॥ 1. सुमित्रनन्दन श्री मुनिसुव्रत, जगतनाथ जिन जाणी। चारित्र ले केवल उपजायो, उपशम रस नीं वाणी रा॥

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Nami Prabhu Stavan 21

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 21 नमि प्रभु स्तवन प्रभु नमिनाथजी मुझ प्यारा रे। मुझ प्यारा प्राण आधारा ॥ 1. नमिनाथ अनाथां रा नाथो रे, नित्य नमण करूं जोड़ी हाथो है। कर्म काटण वीर विख्यातो,

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Padam Prabhu Nit Samriye

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 6 पदम प्रभू नित समरियै। 1. निर्लेप पदम जिसा प्रभू, प्रभु पद्म पिछाण।  संयम लीधो तिण समै, पाया चोथो नाण ॥ 2. ध्यान शुकल प्रभु ध्याय नें, पाया केवल सोय।

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Parshvnath Stavan 23

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 23 पार्श्वनाथ प्रभु स्तवन पारस देव! तुम्हारा दर्शन भाग भला सोई पावे हो।  भाग भला सोई पावे, हूं वारि जाऊं, जीव मगन हो ज्यावै हो पारस देव । 1. लोह

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Payo Pad Jinraj No (Anant Prabhu)

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 14 अनन्त प्रभु स्तवन पायो पद जिनराज नौं सुध ध्यान निर्मल ध्याय भलां जी कांई ॥ 1. अनंत नाम-जिन चवदमां रे, द्रव्य चौथे गुणठाण। भावे जिन हुवै तेरमे रे, इतलै

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Prabhu Vasupujy Bhajle Prani

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 12 वासुपूज्य प्रभु स्तवन प्रभु वासुपूज्य भजलै प्राणी! 1. द्वादशमा जिनवर भजिये, राग द्वेष मच्छर माया तजिये। प्रभु लाल वरण तन छिब जाणी, प्रभु वासुपूज्य भजलै प्राणी॥ 2. वनिता जाणी

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Shital Prabhu Stwan (Surat Thari Man Base)

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. 10शीतल प्रभु स्तवन सूरत थांरी मन बसै साहिब जी।1. शीतल जिन शिवदायका साहिब जी। शीतल चन्द समान हो, निसनेही।  शीतल अमृत सारिषा साहिब जी। तप्त मिटै तुम ध्यान हो, निसनेही॥

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