Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

Bhikshu Swami

Terapanth Prabodh (Shradha Swikaro Terapanth Ra Adhidevta

धम्म-जागरणा तेरापंथ-प्रबोध श्रद्धा स्वीकारी तेरापंथ रा अधिदेवता !  शक्ति संचारों तेरापंथ शासन-देवता । थारै पर म्हांरी आस्था अपरम्पार हो,  जन जीवन आधार हो, ह्रत्-तन्त्री रा तार हो,  मरुधर रा मन्दार हो, तेरापंथ रा अधिदेवता । १. राजस्थान गाम कंटालिय आषाड़ी तेरस आई,  बल्लू शा दीपां घर जायो, पुत्र फळी है पुण्याई ।  हो सन्तां। सतरैसै […]

Bhikshu Swami

Munind Mora

मुणिन्द मोरा – श्रीमज्जयाचार्य  १. मुणिन्द मोरा, भिक्षु नै भारीमाल, बीर गोयम-सी जोड़ी रे, स्वामी मोरा । अति भलो रे, मोरा स्वाम ।। मुणिन्द मोरा, चौथा आरा नी चाल, विविध मर्यादा बांधी रे, स्वामी मोरा । निरमली रे, मोरा स्वाम ॥ २. मुणिन्द मोरा, आप मांहि तथा गण में जाण, सुध संजम जाणो तो रे,

Bhikshu Swami

Swam Sacha Adbhut Vacha Kahi Re

स्वाम साचा अनुभुत वाचा कही रे  स्वाम साचा अदभुत वाचा कहीरे कही रे-2 1 स्वाम भिक्षु परगटया जग माही माही कीरत थई रे-2 श्री जिन आणा सिर धरी-2 वर न्याय मतना कही  रे स्वाम साचा, अदभुत वाचा कही रे  2आगूच उत्तराध्ययन में इन धार पंचम बही रे-2  जिन बिना शिव पंथ होसी-2संत  शब्द सही रे,

Mahavir Swami

Veer Nam Ati Meetha

वीर नाम अति मीठा है कोई गाकर देखले   आ जाते महावीर कोई बुला कर देख लें  जय महावीर जय महावीर जय महावीर कहिए  रोम-रोम बोले ऐसा जय महावीर कहिये  ① सुमरिण से हीआजाते हो कोई बुलाने वाला  मिळ आते महावीर, कोई हो मोल चुकाने वाला  कोई सच्चे मन से उनको ध्याकर देख ले आ जाते

Adinath, Akshay Tritiya

Ikshu Ras Ka Kiya Parna

पारणा (आखातीज) (तर्ज : देख तेरे संसार की) इक्षुरस का किया पारणा आखातीज महान, जय जय आदीनाथ भगवान। श्रेयांस कुबेर ने दिया भावसे आज सुपात्र दान, जय जय आदीनाथ भगवान। ऐसा करम उदय में आया, बारह मास तक आहार न पाया। सुखी कल्पवृक्ष सी काया, फिर भी दिल में नहीं घबराया। घर घर में नित

Adinath, Akshay Tritiya, Bhachya

Aaya Adishwar Bhagwan

अक्षय तृतीया (चमकै अंगणियो) आया आदीश्वर भगवान, चमकै आंगणियो जी, आंगणियो । बरसी तपरो आज, करसी पारणियो जी, पारणियो ।। १. मरुदेवी रा लाल, नाभिनन्दन है जी, नन्दन है।  तारक दीन दयाल, सौ सौ वन्दन है जी वन्दन है ।। २ राज-रिद्धि ने त्याग, संयम स्वीकार्यो जी, स्वीकार्यो। कितो बड़ो वैराग, मौनी-व्रत धार्यो जी, व्रत

Adinath

Pranamu Pratham Jinand Ne (chobisi, jayachary) Choubisi, chaubisi

आदिनाथ स्तवन प्रणमूं प्रथम जिनन्द नैं जय जय जिन चंदा १. वन्दू बेकर जोड़ नैं, जुग-आदि जिनिन्दा।  कर्म-रिपु-गज ऊपरै, मृगराज मुनिन्दा ।। २. अनुकूल प्रतिकूल सम सही, तप विविध तपंदा।  चेतन तन भिन लेखवी, ध्यान शुकल ध्यावंदा ।। ३. पुद्गल-सुख अरि पेखिया, दुख-हेतु भयाला।  विरक्त चित विघट्यो इसो, जाण्या प्रत्यक्ष जाला।। ४. संवेग- सरवर झूलता,

Bhikshu Swami

Swamiji Aao Dekh Lyo

( लयः सारंगा तेरी याद में) रचयिता : मुनि मधुकरजी स्वामीजी ! आवो देखल्यो स्वामीजी! आवो देखल्यो, नैणां में तसवीर ।  तरस रह्या म्है दरस बिना, मछल्यां ज्यूं बिन नीर ।। १. पल-पल जोवै बावरी, पलकां थांरी बाट,  मिलणो चावै मोद स्यूं, बंधन सारा काट ।  दिखलाद्यो प्रभु वेग स्यूं, अपणो रूप विराट ।। २.

Bhikshu Swami

Bhikshu Bhikshu Bhajan Ho

भिक्षु स्तुति  .(लय : संयममय जीवन हो ) रचयिता : मुनि सुमेरमलजी, ‘लाडनूं’ भिक्षु भिक्षु भजन होभिक्षु-भिक्षु भजन हो। तन से, मन से और वचन से प्रतिपल यही रटन हो। भिक्षु-भिक्षु भजन हो ।। १. जब-जब जाप किया श्रद्धा से, अयि गुरुदेव तुम्हारा, तब-तब नष्ट अरिष्ट हुए सब, दुःख से मिला किनारा ।  देव! तुम्हारे

Bhikshu Swami

Bhikhanji Swami Bhari Maryada Bandhi Sangh Me Lyrics

(लय : बधाओ गावो) भीखणजी स्वामी! भीखणजी स्वामी! भारी मर्यादा बांधी संघ में।  प्रबल प्रतापी शासन वीर रो, जिण में जग रही जगमग ज्योत हो ।। १. देखी दशा दयामणी, आ तो साधु-संघ की आप हो । कांप्यो कळेजो म्हारै पूज्य रो, किन्ही मूल सहित थिर थाप हो ।। २. सकल साधु अरु साधवी, बहो

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