यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.
एक बार आओ सांवरिया स्वामीजी
लय : एक बार आओ म्हारा
एक बार आओ म्हारा, सांवरिया स्वामीजी थाने भगत बुलावे दिन रात, आओ म्हारा स्वामी जी ।
दीपा बाई रो नंदन प्यारो, बल्लुसा रा लाल तेरापंथ संघ रा हो, पहला गणपाल
थारी महिमा फैली च्यारुं कुंट, आओ म्हारा… ॥१॥
वीर प्रभु री वाणी ऊपर, जीवन अर्पित सारो
धर्म अहिंसा त्याग प्रधान, तेरापंथ रो नारो
थाने झुक झुक करा म्हें प्रणाम, आओ म्हारा… ॥२॥
मंत्र बड़ो ओ मंगलकारी, संकट सब टल जावे दुख में सुख में नाम आपरो, भगतां रे मन भावे
थास्यूं एक बार जुड़ जावे तार, आओ म्हारा… ॥३॥
पल-पल छिन-छिन निश दिन थांरो, ध्यावाँ म्हें तो ध्यान आत्मा में शक्ति जागे मांगा ओ वरदान
म्हारे मनड़े में गूंजे थांरो नाम, आओ म्हारा… ॥४॥
नंदन वन सो शासन पाकर, फुल्या नहीं समावां
महाप्रज्ञ सा गुरु वर पाया, अपनो भाग्य सरावा
भिक्षू संघ ने अर्पित प्राण, आओ म्हारा… ५ ॥
भगतां री मन री इच्छा, पूरी करो स्वामी
दरसन रा प्यासा म्हे तो, सुनो अंतर्यामी
‘मुनिसुमति’ करे अरदास, आओ म्हारा… ॥६ ॥