Mata Pita

Mata Pita

Mata, Pita, Guru Mahima

माता-पिता-गुरु महिमा तर्ज : कितना बदल गया इन्सान…… मात-पिता गुरु प्रभु चरणों में वंदन बारम्बार,  हम पर किया बड़ा उपकार – २ ।। माता ने जो कष्ट उठाया, वह ऋण कभी न जाये चुकाया, अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, ममता की दी शीतल छाया,  जिनकी गोदी में पलकर हम, कहलाते होशीयार ।  हम पर किया बड़ा […]

Mata Pita

Mujhe Is Duniya Mai Laya

(लय- तुम्हे सूरज कहूं या चंदा) मुझे इस दुनिया में लाया, मुझे बोलना चलना सिखाया  ओ मात पिता तुम्हें वंदन मैंने किस्मत से तुम्हें पाया  मैं जब से जग में आया तबसे दी शीतल छाया   कभी गोदी में सहलाया कभी कांधे पर बिठाया  मेरे सर पर हाथ रखकर बस प्यार ही प्यार लुटाया  मै उठा

Mata Pita, Vidayi

Sach Bat Poochati Hu Batao Na Babuji

दिल को छू लेने वाला गीत सच बात पूछती हु, बताओ न बाबु जी, छुपाओ न बाबु जी, क्या याद मेरी आती नही, पैदा हुई घर में मेरे, मातम सा छाया था,  पापा तेरे खुश थे, मुझे माँ ने बताया था,  ले ले के नाम प्यार, जताते भी मुझे थे,  आते थे कही से तो,

Mata Pita

Tu Kitni Achchi Hai Tu Kitani Bholi Hai

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है. तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,  प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।  यह जो दुनिया है, वन है कांटो का,  तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ,  मेरे

Mata Pita

Mere Papa Mera Sansar Hai

मेरे पापा मेरा संसार है (स्वस्ति मेहुल) उंगली थामे चलना तुमने सिखाया था  पांव थके तो कांधे पर बिठाया,  था   खुद की जरूरत त्याग के मेरी खुशियों को  पापा तुमने अपना संसार बनाया था नाम तेरा पहचान मेरी, नाम तेरा पह‌चान मेरी  मेरे पापा मेरा संसार है हो मेरे पापा मेरा संसार है सर पे

Mata Pita

Tu Kitni Achchi Hai Tu Kitani Bholi Hai

तू कितनी अच्छीहै , तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ । यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया ।

Mata Pita

Ghar Ek Mandir Tera Mat Pita Hi Bhagwan Hai

(लय  मिलों ना तुम तो हम घबराये ) घर एक मंदिर तेरा, मात पिता ही भगवान है,  जो ना ये समझे प्राणी, वो तो बड़ा ही नादान है, मात पिता की सेवा जैसा, बन्दे और जगत में, कोई काम नहीं है, कोई काम नहीं है,  मात पिता की सेवा करले, खुशियों से झोली भरले, समझ

Mata Pita

Milata Hai Sacha Sukh Keval Shree Mat Pita Ke Charno Me

(तर्ज – मिलता है सच्चा सुख केवल ) मिलता है सच्चा सुख केवल, श्री मात पिता के चरणों में, यही विनती है रहूं जनम जनम, मैं मात पिता के चरणों में, मिलता हैं सच्चा सुख केवल, श्री मात पिता के चरणोंमें।। धरती पर देवो को पूजा, पूजा जप तप करवाया है,  तब जाकर मानव रूप

Mata Pita

Kashat Mata Pita Ko Jisne Diya

(लय यदि प्यासे को पानी पिलाया) कष्ट माता पिता‌ को जिसने दिया  उसको मन्दिर में जाने से क्या फायदा  काशी मथुरा चला तीर्थ करने भला  गंगा यमुना नहाने से क्या फायदा फूल मन्दिर में दो चार अर्पण किये   ऐसे इश्वर को वश मेंकिसनेकिया  पाँव माता पिता के पूजे नहीं  पाँव मूरत के पूजन से क्या

Mata Pita

Mata Aur Pita Me Hi Bhagwan Hai

mata aur pita me hi bhagwan hai  (तर्ज – दूल्हेका सेहरा। ) माता और पिता में ही भगवान है,  इनसे होती ईश्वर कीपहचान है,  मैया हमको जन्म देकर पालती,  और पिता का जीवन पर एहसान है,  माता और पिता में ही भगवान हैं,  इनसे होती ईश्वर की पहचान है।   घोलकर ममता पिलाती दूध में माता, 

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