Sun Utaradi Badali
(म्हार माथे की बिंदिया चमके) साजन आसी आंगणे सोलहा करू सिणगार, चौक पुराउ मोतिया कोई घणी करु मनुहार . म्हार माथे की बिंदिया चमके , म्हार हाथा में चुड़लो खनके म्हार बादिलो घर आसी , मान बो हंस हंस बतलासी म्हारो मन मुलके-2 म्हार माथा की बिंदिया चमके —-हो सुन उतरादी बादली उमड़ घुमड़ […]