Rajasthani

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Peelo Odh Pomcho Odhyo, Kar Singar

 पीलो ओढ़ पोमचो ओढ़यो(MEHANDI)  पीलो ओढ़ पोमचो ओढ़यो ,कर सिणगार मंडाई जी या मेहँदी -२  सज धज चाली जा य रसोया चाली सासुजी ने जा य दिखाई जी या मेहंदी  दोनो ही हाथ थारा गेरा-गेरा राच्या  थे किन संग बेठ  रलाई जी या मेहंदी  देरान्या जिठान्या मिल पीसी जी आ मेहंदी ,नणदल बैठ रळायी जी […]

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Lehriyo To Lyaido Gouri Ra Sahiba

 लेहरियो तो  ल्याईदो गौरी रा सायबा  लेहरियो तो  ल्याईदो गौरी का सायबा जी, गौरी रा सायबा कोई गौरी धण  न लेहरियो रो चाव राज , लेहरियो लयादो जी राज -२  कुण थाने चाला चालियाजी – चाला चालियाजी  कुण थाने ओढ़ दिखायो राज, लेहरियो लयादो जीराज-२—-  ,देवरियो तो चाला चालियाजी – चाला चालिया जी कोई देव्

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Paglya M Bandhu Payliya

 पगल्या म बां धू पायलिया  पगल्या म बाँधू पायलिया, थोड़ा धीमा चलो मेरे सांवरिया  थोड़ा धीमा चलो, थोड़ा होले  चलो -२ थोड़ा धीमा चलो मेरे सांवरिया ,पगल्या— रिमझिम रिमझिम मेवला बरसे -२ मंदी मंदी चाले बायरिया -२ पगल्या म बाँधु —- अरे दादर मोर पपीहा  बोले-२  मीठी मीठी बाज रहीं बाँसुरिया -२ पगल्या —– ओ 

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Sone Ri Ghadadyo Mhare Payladi

 सोने री घड़ादयो महार पायलड़ी कोई हीरा तो जड़ाद्यो म्हारा झुमका,भंवरजी केसरिया  रुनझुन बाजे म्हारी पायलड़ी – २ कोई झुमका कर झंन कार भंवरजी केसरिया  कवो तो मिजाजी(पियाजी) थाने  म्हारा नैणा म  बसाल्यू  बणाल्यू थाने हिवड रो हार, भंवरजी केसरिया सोने   री घड़ा दो म्हाने   पायलड़ी-२ पंछी उड़ ज्यू मन उड़ उड़ जाव -२  पल

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Mhari Hathelya R Beech Fala Padgya

MHARI HATHELYA K BEECH     mhari हथेलया  र बीच  फाला पड़ग्या म्हारा मारुजी  मह पालो किया काटुली  पालो किया काटू मह तो घास किया काटू -२ म्हारी  पतली कमर झाला खावे म्हारा मारुजी म्हे पालो किया……  म्हारी भोली सूरत काली पड़ेगी म्हारा मारुजी म्हे पालो…..  रखड़ी तो महार पीवरीय सु लायी महान शीश फूल

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Hariy Hariyal Dal Kali Koyal Bole O Raj

       kali koyal हरिय हरियाल डाल काली कोयल बोले ओ  राज़  बोले बुलाव बातो साचा सबद सुनाव ओ राज , तूँ क्यों रान्याँ का भैय्या!नीन्दडली में सूत्याँ राज।थारी तो माँ की जायासासरियो में झूरे राज,झूरेगी झूर मरे,कोई काल्ड़ो काग उडावे राजउड़ रे म्हारो काल्ड़ो कागो,जे मेरो वीरो आवै राजआवैगों आधी रात,पिलंगन ताजन सूती

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Chal Chanda Dagliye Me Jhini- JhiniChandni

CHAL CHANDA DAAGLIYE M  चा ल चंदा डागलीय पे झीणी झीणी चांदनी -२ कोई हिलमिल रास रचावा ए फागण में ,-२ थार सा ग चालू कोनी  ओ रे बालम रसिया,-२  थे तो सारी सारी रात जगाओ जी फागण में -२ थार थार  खातर मतो बाग लगाया जी कोई घुमन क मिसचालो जी फागण में, चाल

Geet, Marwari Lokgeet, Namkaran, Rajasthani

Pilo

पिळो रंगावो जी / राजस्थानी पाँच मोहर को साहिबा पिळो रंगावो जीहाथ बतीसी गज बीसी गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी दिल्ली सहर से साईबा पोत मंगावो जीजैपर का रंगरेज बुलावो गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी पिला तो पल्ला साईबा बन्धन बन्धाऊँ जीअध बीच चाँद चपाऊँ गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी रंग्यो ऐ रंगायो जच्चा होया

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Biro Banjaaro Re

मोरू भाई पांवणा / राजस्थानी आया आया रेमोरू भाई पांवणा कांई आगे धोरा वाळो देशबीरो बणजारो रेकांई आया म्‍हारा देवर जेठबीरो बणजारो रे सासू रांध्‍या रे मोरू भाई बांकळाम्‍हारी नणद बिलोवे खाटी छाछबीरो बणजारो रे मंगरिया उंछाळू रेमोरू भाई बांकळानदिया में लिमोऊं खाटी छाछबीरो बणजारो रे माथा धोऊं रेमोरू भाई मेट सू कोई घालु चमेली

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Dhore Upar Jeem Khupradi Najar Pasari Khet M

धोरे उपर जीम खुपरडी नजर पसारी खेत म, मूंग मोठ मतीर घणेरा स्वर्ग उतर गयो रेत म। पवन झकोले झुके बाजरो,सिटैयाघड़ियांरहिया, मूंग मगरिये तिल तगरिये मोठडलाबंगला रहिया,  बेलड़ियां फोगां पर छाई नालज पसरा रेत में। तिरछे नैणा हंस कर बोली बाजु बंद घड़वाउली, तेवटिय रो थारो कहयोडो पिवरीय उठ जावुली, तातो न खायो रातों नओढयो,केपडयो

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