Santhara

Jain Bhajan, Santhara

Lagi Lagi Nav Kinare Ab Lagi Ho

लागी लागी नाव किनारे तर्ज : तेजा रे…. लागी लागी नाव किनारे अब लागी हो। जनम सुधार्यो थे तो सांतरो। । ध्रुव ।। कुण बेटो कुण बाप जगत में, सारी सुपने री माया। ममता मत करज्यो नश्वर देह री।।१ ।। बड़ो कठिन है मन नै दमणो, खमणो और खमाणो हो। गांठां मत रखज्यो मन में […]

Jain Bhajan, Santhara

Samyag Gyani Samyag Darshi (संथारा)

निर्वाण का मार्ग (तर्ज कितना बदल गया इन्सान) सम्यग ज्ञानी, सम्यग दर्शी, सम्यग् संयमवान,  उसी को मिलता है निर्वाण। शास्त्र शास्त्र में, स्थान स्थान पर बोल गए भगवान, उसी को मिलता है निर्वाण । टेर।। जीव तत्व हूं, जड़ से निराला, पुण्य शुभ है पाप है काला। संवर बाध है, आश्रव नाला, बंध बंध निर्जरा

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