Tapasya (तपस्या)

Adhyatmik, Satsang

Yadi Bhala Kisika Kar Na Sako To

आध्यात्मिक  भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का ना करना । पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, कांटे बन कर मत रहना ॥ बन ना सको भगवान् अगर, कम से कम इंसान बनो । नहीं कभी शैतान बनो, नहीं कभी हैवान बनो ॥  सदाचार अपना न सको तो, पापों में पग ना […]

Guru

Aasra Ek Tera

(लय- थोड़ा सा प्यार हुआ है थोड़ा सा बाकी) आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा मेरी फरियाद सुनलो SSS -2 देदो कोई किनारा जख्म खाये है इतने घाव कितने गिनाऊ-2   कोई सुनता, नहीं ..जाके किसको सुनाउ  एक तुमपे ही गुरु वर जोर चलता हमारा  आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा  टूटी   किश्ती हमारी  टूटे सारे

Adhyatmik, Nirgun, Satsang, Vairagya

Kisi Ke Kam Jo Aaye Use Insan Kahte Hai

आध्यात्मिक भजन किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते  हैं पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं यह दुनियाँ एक उलझन है, कहीं धोखा कहीं ठोकर।  कोई हँस-हँस कर जीता है, कोई जीता है रो-रोकर ॥  जो मुश्किल में ना घबरायें, उसे इन्सान कहते हैं। अगर गलती रुलाती है, तो राहें भी दिखाती है। 

Adhyatmik, Kabir, Nirgun, Satsang, Vairagya

Jindagi Pyar Ka Geet Hai

(लय – -जिंदगी प्यार का गीत है ) जिंदगी प्यार का गीत हैं.  हर दिल को गाना पड़ेगा  जिंदगी गमका सागर भी है हंसके उस पार जाना पड़ेगा जिसका जितना हो आचंल यहाँ पर   उसको सौगात उतनी मिलेगी  फूल जीवन में गर ना मिले तो  काँटो से निभाना पड़ेगा है अगर दूर  मन्जि ल तो

Gyanshala, Terapanth

Arham Arham Ki Vandana Fale (Gyanshala Geet)

अर्हम अर्हम की वंदना फले,अर्हम अर्हम की वंदना फले अर्हम की वंदना फले जीवन विकास हो, मन में सुवास हो, देखो दीपक से दीपक जले । विद्या के पावन मंदिर में सच्ची शिक्षा हम पाएं,  सदाचार के सुन्दर पथ पर कदम-कदम बढ़ते जाएं । चाहे रात या प्रभात हो भले ।। हम सारे हैं भाई-भाई

Gyanshala, Jain Bhajan

Naya Savera Aaya (bacho Ke Liye)

(तर्ज – लकड़ी की काठी) नया सवेरा  आया नई रोशनी लाया।  हीरे जैसा मानव जीवन पुण्योदय :से पाया ।। भेदभाव को भूलो, समता, रस में फूलों ।  परमात्मा को पानी है तो संतो के पद छूलो ।। झुक झुक-२ ऊँचा निज आचार हो प्रेम भरा व्यवहार  हो । . एक बनों और नेक बनों सबमे

Gyanshala, Terapanth

Bachcho Ho Jao Tum Ab Jaldi Se Taiyar

ज्ञान शाला लय- (सावन का महीना)  बच्चों हो जाओ तुम अब जल्दी से तैयार  चले ज्ञान शाला मिलजुल, हम बहे ज्ञान की धार  कितनी है प्यारी ज्ञान शाला हमारी  बनते है नन्हे मुन्ने यहाँ संस्कारी  अनुशासन सांचे में ढल पाए  नया निखार  बाल बोध पुस्तक सुन्दर नन्ही सी माला  मुख वस्त्र आसन चादर वेश है

Guru, Terapanth

Sashanmata Pramukha Shree Ji

आरती जय जय शासन माता कृपा नजर पा तेरी, रू रूं खिल जाता। 1 संतों की धरती पर, जन्म हुआ तेरा । संतो की सेवा से जुड़ा रहा नाता। 2. निर्मलता निश्छलता, रग-रग में तेरे। परम तितिक्षा समता, घट घट की ज्ञाता।। 3. विनय विवेक देखकर, अहंकार झुकता। स्वाद कषाय विजेता, शिव सुख सन्धाता ।।

Bhikshu Swami, Guru

Dena Hai To Dijiye Janm Janm Ka Sath

देना है तो दीजिये जन्म 2 का साथ  मेरे सिर पर रखदो गुरु वर अपने ही दोनो  हाथ झुलस रहे हैं गमकी धूप में प्यार की छैंया करदे तू  बिन पानी के नाव चलेना । अब पतवार पकडले तू  मेरा रस्ता रोशन करदे छाई अंधियारी रात इस जनम में सेवा देकर  बहुत बड़ा अहसान किया 

Guru

Mahamanasvi Mahayashsvi

(लय- प्रभो तुम्हारे पावन पथ पर)  महा मनस्वी महायशस्वी तेजस्वी गण वन‌माली -2 महा तपस्वी महाश्रमण से संघ बना है गौरवशाली  श्रुत की पावन गंगा बहती विविध रूप धर प्रवचन मे-2 गहरीआस्था जिनवांग्मय में और भिक्षु के चिन्तन में  आ अनुभव के उज़ले दिवलो से -2 हर मौसम में है दीवाली 2 गायन का अंदाज़

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