Tapsya Geet

Bhachya, Tapsya Geet

Aao Hum Aaj Kare Tapsya Ka Abhinandan

(तर्ज : होठों को छू लो तुम) आओ हम आज करें, तपस्या का अभिनन्दन । तप ज्वाला में तपकर काया बनती कुन्दन ॥ ध्रुव ॥ अठाई तप करना, आसान नहीं कोई।  तप धारा में बहना, आसान नहीं कोई। तन मन की मजबूती, से शोभे तप आसन ॥१ ॥ मुक्ति की राहों मेंतपबहुत जरुरी है,  अध्यात्म […]

Bhachya, Tapsya Geet

Aisi Chundar Lana Bhaiya, Tapsya

ऐसी चूंदड लाना भैया तर्जः (देना है तो दिजिये) ऐसी चूंदड लाना भैया, मेरे लिए तुम आज-२,  जिसे ओढ के पल में होवे-२, मुझको केवल ज्ञान, ऐसी चूंदड लाना भैया.. १) भक्ताम्बर की सुन्दर झालर, चारो ओर लगाना  तुम, महामंत्र के चौसठ अक्षर, पल्लू में बंधवाना तुम, जिसे ओढ के स्वाध्याय कर लू-२, तेरी बहिना

Bhachya, Jain Bhajan, Tapsya Geet

Mahima Jain Dharm Ki,

सुर में गाऊं ,सरगम में गाऊं, गा गा के सुनाउ सबको-२ महिमा जैन धर्म  की ,सबको – २  आदिनाथ हैं, जिनका पालीताणा हैं उनका धाम नाम धाम ऐसे आदिनाथ को वंदन बारम्बार हैं। सुर– नेमिनाथ हैं, जिनका नाम गिरनार उनका द्याम  ऐसे नेमिनाथ को वंदन बारम्बार हैं। सुर– शान्तिनाथ हैं जिनका नाम हैं हस्तिनापुर हैउनका

Bhachya, Tapsya Geet

Chhai Khushiya Beandaj

छाई खुशियां बेअंदाज (लय – कितना बदल गया इन्सान)  रचयिता – नचिकेता मुनि आदित्य कुमार छाई खुशियां बेअंदाज । कुल पर कलश चढ़ाया तुमने, तुम पर हमको नाज ।। तप की महिमा प्रभु ने गाई, तप की महिमा गण में छाई। रोग-शोक बाधा विघ्नों का, तप है सहज ईलाज ।। छाई खुशियां…. साहस से जो

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